लापरवाही! बिहार के मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 25 लोगों की आंखों की रोशनी गई

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 25 लोगों की आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया और आखिरकार उनकी रोशनी चली गई.

Published date india.com Published: November 30, 2021 4:40 PM IST
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Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 25 लोगों की आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया और आखिरकार उनकी रोशनी चली गई. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. घटना 22 नवंबर को शहर के जुरान छपरा इलाके के एक नेत्र अस्पताल में हुई. मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन विनय कुमार शर्मा ने घटना की पुष्टि की है. शर्मा ने कहा, ‘हमें पता चला कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराने वाले 25 व्यक्ति एक आंख में गंभीर संक्रमण से पीड़ित हैं. डॉक्टरों ने अब संक्रमित आंख को हटाने का सुझाव दिया है. हमने दृष्टिहीनता नियंत्रण प्रभारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस घटना की समयबद्ध तरीके से जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जिला. प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया.’

शर्मा ने कहा, ‘इस तरह की गंभीर लापरवाही के लिए हम अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.’ शिवहर जिले के सोनवर्षा गांव के मूल निवासी और बाईं आंख में गंभीर संक्रमण से पीड़ित राम मूर्ति सिंह ने कहा, ‘हमें पता चला कि 22 नवंबर को अस्पताल द्वारा एक मेगा नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था. मैं अस्पताल आया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि मुझे मोतियाबिंद है. उन्होंने एक आंख का ऑपरेशन किया. चार घंटे के बाद, मेरी आंख में दर्द होने लगा. जब मैंने डॉक्टरों से संपर्क किया, तो उन्होंने मुझे दर्द निवारक गोली दी और एक इंजेक्शन भी दिया.’

सिंह ने कहा, ‘दर्द निवारक इंजेक्शन ने मुझे अस्थायी राहत दी. कुछ घंटों के बाद, मेरी आंख में फिर से दर्द शुरू हो गया.’ मुजफ्फरपुर के मुशारी इलाके की निवासी मीना देवी ने कहा, ‘ऑपरेशन के बाद, मुझे अपनी आंख में बहुत दर्द हुआ. जब मैंने डॉक्टरों से संपर्क किया, तो उन्होंने मुझे दर्द निवारक इंजेक्शन दिया. उन्होंने मुझे अगले दिन छुट्टी दे दी.’

मीना देवी ने कहा, ‘जब मैं अगले दिन (24 नवंबर) अस्पताल गयी, तो डॉक्टर ने मुझे लापरवाही के लिए फटकार लगाई. जब मैंने विरोध किया, तो उन्होंने संक्रमित आंख को हटाने का सुझाव दिया. चूंकि मेरे परिवार में कोई नहीं है, इसलिए मैंने उन्हें आंख हटाने की अनुमति दी.’ राम मूर्ति शर्मा के एक रिश्तेदार हरेंद्र रजक ने कहा, ‘गंभीर संक्रमण वाले नौ मरीज जांच के लिए पटना गए थे. पटना के डॉक्टरों ने हमें बताया कि गंभीर संक्रमण गलत ऑपरेशन प्रक्रिया के कारण हुआ था. उन्होंने ऑपरेशन की गई आंख को हटाने का भी सुझाव दिया. अन्यथा यह दूसरी आंख या मस्तिष्क में और जटिलताएं पैदा कर देगा.’

(इनपुट: IANS)

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