पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को गोपालगंज में गंडक नदी पर बने बंगराघाट पुल का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया. मजेदार बात है कि उद्घाटन के पूर्व ही इस महासेतु का संपर्क पथ ध्वस्त हो गया था, जिस पर अब मरम्मत का कार्य चल रहा है. इधर, इस उद्घाटन के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. एक अधिकारी ने बताया कि गोपालगंज के बंगरा घाट महासेतु में छपरा की ओर से करीब 11 किलोमीटर और मुजफ्फरपुर की तरफ से 8 किलोमीटर लम्बा अप्रोच पथ का निर्माण किया गया है. इस पर करीब 509 करोड़ रुपये का खर्च आया है. Also Read - Big Breaking: एनडीए में बन गई बात, साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे JDU-BJP-LJP, मांझी भी होंगे साथ

एक अधिकारी ने बताया कि छपरा जिले के पानापुर के सतजोड़ा बाजार के समीप संपर्क पथ पहले ही गंडक नदी का दबाव नहीं झेल पाई और यह तेज बहाव में बह गया. बताया जाता है कि गोपालगंज के बैकुंठपुर में 7 जगहों पर सारण बांध टूटा था, इसी बांध के टूटने के बाद बंगरा घाट महासेतु से करीब 5 किलोमीटर दूर संपर्क पथ पर पानी के दबाव से अचानक ध्वस्त हो गया. गंडक नदी पर बने बंगरा घाट महासेतु का नीतीश कुमार बुधवार को उदघाटन किया है. Also Read - बिहार के CM नीतीश कुमार से मिले सुशांत के पिता केके सिंह, जांच में देरी से दुखी है दिल

इधर, विपक्ष अब इस पहुंच पथ के ध्वस्त होने और उद्घाटन करने को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहा है. राजद के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लगातार पुल टूटने की घटनाएं हमारे सामने आ रही हैं. जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है. पुल टूटने की घटनाएं साफ बता रही हैं कि राज्य सरकार में भ्रष्टाचार किस स्तर पर हो रहा है. Also Read - बिहार में बड़े उलटफेर की संभावना, दिल्ली की बैठक में होगा तय, Congress-LJP पर टिकी निगाहें

उन्होंने कहा, “लगातार पुल टूटने की घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. मुझे लगता है कि नीतीश कुमार का वर्ल्ड रिकर्ड में नाम दर्ज होना चाहिए क्योंकि बिहार में लगातार पुल टूटने का मुख्यमंत्री रिकार्ड बना रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि इसे त्रासदी कहे या विडंबना. 509 करोड़ के इसी जर्जर पथ और पुल का आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्घाटन किया है. करोड़ों बिहारवासियों को इतिहास के बासी पन्नों में उलझा उनका वर्तमान और भविष्य खराब कर चुके नैतिक, सामाजिक और आर्थिक भ्रष्टाचार के ‘भीष्म पितामह’ इस पर कुछ नहीं बोलेंगे.