Bihar News: ब‍िहार में कांग्रेस के वर‍िष्‍ठ और कद्दावर नेता सदानंद स‍िंह का आज न‍िधन हो गया. वे भागलपुर ज‍िले के कहलगांव विधानसभा सीट से  नौ बार व‍िधायक रहे, बिहार सरकार में मंत्री रहे और इसके साथ ही एक बार ब‍िहार व‍िधानसभा के अध्‍यक्ष भी रहे. सदानंद सिंह पिछले दो माह से बीमार चल रहे थे और पटना के अस्‍पताल में भर्ती थे, जहां आज उनका निधन हो गया.Also Read - Bihar High Alert: बिहार के 13 जिलों में जारी हुआ हाईअलर्ट, भीड़भाड़ वाले जगह और रेलवे स्टेशन निशाने पर!

बिहार कांग्रेस में शोक की लहर Also Read - Latest Crime News: दोस्त के साथ बाजार से लौट रही नाबालिग से गैंगरेप, आरोपियों ने घटना का Video भी वायरल कर दिया

सदानंद सिंह के निधन से बिहार कांग्रेस में शोक की लहर व्याप्त है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि ‘बिहार के सर्वमान्य नेता, कांग्रेस के योद्धा, मेरे पिता तुल्य सदानंद सिंह के जाने से एक राजनीतिक युग का अवसान हो गया. आपका हंसता हुआ चेहरा हमेशा याद रहेगा. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. Also Read - CM Nitish Kumar ने हेमंत सोरेन से कहा-अलग हुए तो क्या, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं, जानिए वजह

तेजस्वी यादव, जीतनराम मांझी ने कही ये बात…

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जीतनराम मांझी सहित बिहार के विभिन्न राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने सदानंद सिंह के निधन पर शोक जताया है. सदानंद सिंह के निधन पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सदानंद सिंह के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त करता हूं. उनका लंबा सामाजिक-राजनीतिक अनुभव रहा. वो एक कुशल राजनेता थे. ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रदान करें

वहीं, जीतनराम मांझी ने कहा है कि सदानंद सिंह मेरे पुराने साथी थे, ‘आज मेरे पुराने साथी ने मेरा साथ छोड़ दिया. सदानंद बाबू हमें छोडकर चले गए. ईश्वर उनके आत्मा को शांति प्रदान करें.

कहलगांव से 9 बार विधायक चुने गए थे सदानंद सिंह

सदानंद सिंह मूलत: भागलपुर ज‍िले ही रहते वाले थे. कहलगांव अनुमंडल के धुआवै उनका पैतृक घर था, जहां से वे नौ बार व‍िधायक बने थे. इसके बाद उन्‍होंने राजनीति‍ से सन्‍यास ले लिया था. वर्ष 2020 में हुए ब‍िहार विधानसभा चुनाव में कहलगांव से उन्‍होंने अपने पुत्र शुभानंद मुकेश को कांग्रेस से ट‍िकट द‍िलाया था, लेकिन उनके बेटे की इस चुनाव में हार हो गई थी.