Bihar Opinion Poll: आईएएनएस सी-वोटर बिहार ओपीनियन पोल सर्वेक्षण से पता चलता है कि बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य के लोग नीतीश कुमार से भले ही कुछ खास प्रभावित नहीं हैं, लेकिन एक प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें नरेंद्र मोदी काफी पसंद हैं. लोगों से जब पीएम मोदी के प्रदर्शन को लेकर सवाल किए गए, तो 48.8 फीसदी लोगों ने उन्हें ‘अच्छे’ श्रेणी में रखा, जबकि 21.9 फीसदी ने उन्हें ‘औसत’ बताया. Also Read - Eid-e-Milad: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी ईद- ए-मिलाद की शुभकामनाएं

बाकी बचे 29.2 प्रतिशत लोगों ने उनके प्रदर्शन को ‘खराब’ माना. अब जब यही सवाल नीतीश कुमार के बारे में पूछा गया, तो केवल 27.6 फीसदी लोगों ने ही माना कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर ‘अच्छे’ हैं, जबकि 45.3 फीसदी उत्तरदाताओं ने उनके प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया. Also Read - Bihar 2nd Phase Election 2020: बिहार में चुनाव के बीच IT की अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई, नल-जल योजना पर आफत

आईएएनएस सी-वोटर के सर्वेक्षण के हिसाब से बात करें, बीजेपी को बहुमत मिलने के आसार हैं और वो इस स्थिती में हो सकती है कि नेगोसिएट कर सके. यह निष्कर्ष और इस पर आधारित अनुमान बीते सात दिनों के दौरान राज्य में पूर्णवयस्कों, खासकर मतदाताओं के बीच किए गए आईएएनएस सी-वोटर के दैनिक ट्रैकिंग पोल पर आधारित है. Also Read - Bihar Polls 2020: दूसरे फेज के चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने खेला आबादी के हिसाब से आरक्षण का दांव, कही यह बात...

सर्वेक्षण में बीते सात दिनों के दौरान नमूने लिए गए हैं. इसमें राज्य के सभी जगहों के लोगों से राय ली गई है. इसमें त्रुटि या किसी भी तरह की कोई गलती होने की संभावना काफी कम आंकी गई है. बिहार में विधानसभा के 243 सीटों के लिए चुनाव इस साल 28 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच 3 चरणों में होंगे. चुनाव आयोग ने दिल्ली में शुक्रवार को घोषणा की कि 10 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी.

बिहार में 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता सरकार बदलना चाहते हैं : सर्वे
आईएएनएस सी-वोटर बिहार ओपिनियन पोल सर्वे के अनुसार, अगले महीने बिहार में होने वाले चुनाव में 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता सरकार बदलना चाहते हैं. सर्वेक्षण के अनुसार, करीब 56.7 प्रतिशत मतदाता सरकार से ‘नाखुश’ हैं और वे बदलाव चाहते हैं, जबकि 29.8 प्रतिशत सरकार से ‘नाराज’ हैं, लेकिन इसे बदलना नहीं चाहते हैं.

मात्र 13.5 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि वे नाराज नहीं हैं और न ही वे सरकार को बदलना चाहते हैं. जदयू ने राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन में 2015 का विधानसभा चुनाव लड़ा और सत्ता में आ गई. महागठबंधन के नेता के रूप में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, लेकिन बाद में उन्होंने राजद का साथ छोड़, सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया.

सर्वेक्षण में 25,789 सैंपल का प्रयोग किया गया है और सर्वेक्षण की अवधि 1 सितंबर से 25 सितंबर के बीच की है. सर्वेक्षण में सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है और सर्वे में चूक का मार्जिन राज्य स्तर पर प्लस/माइनस 3 प्रतिशत और क्षेत्रीय स्तर पर प्लस/माइनस 5 प्रतिशत है.