पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 90 से अधिक नेताओं के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. Also Read - तेजस्वी यादव बोले- बिहार में शवों के ढेर पर चुनाव कराना सही नहीं, क्या नीतीश को राष्ट्रपति शासन का डर है?

सचिवालय पुलिस थाने के एसएचओ मितेश कुमार ने कहा कि शुक्रवार को राबड़ी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड पर जमा होने के लिये 32 अज्ञात और लगभग 60 ज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. राबड़ी के आवास पर तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को गोपालगंज की ओर मार्च करने के लिये कहा था, जिसे बीच में ही रोक दिया गया था. Also Read - LAC पर शहीद सुनील कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, सुशील मोदी, तेजस्वी यादव ने दी श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा कि वे सामाजिक मेलजोल से दूरी का पालन करते हुए पार्टी समर्थक के परिवार पर हुए हमले के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते थे. उस हमले के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में जद(यू) के एक विधायक को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है. Also Read - चुनाव से पहले JDU को बड़ा झटका, पार्टी छोड़ तीन नेताओं ने थामा RJD का दामन

एचएचओ ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 269, और 270 तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. जिन नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा राबड़ी के बड़े बेटे तथा विधायक तेज प्रताप यादव, विधायक अब्दुल बारी सिद्दीकी और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष जगदानंद सिंह शामिल हैं.

तेजस्वी तिहरे हत्याकांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने गोपालगंज जाना चाहते थे. इस हत्याकांड में सत्तारूढ़ जद(यू) के विधायक को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है जबकि उनके भाई तथा भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का आरोप है कि इस मामले में जद(यू) विधायक पप्पू पांडे को इसलिये गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें बचा रहे हैं.