Bihar Politics: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में जारी घमासान के बीच बिहार में सियासी हलचल मची हुई है. इस बीच  एलजेपी सांसद चिराग पासवान (LJP MP Chirag Paswan) के सुर भी लगातार बदले हुए अंदाज में नजर आ रहे हैं. शनिवार को उन्होंने कहा कि जब वे मिलेंगे तो राजनीति में वरिष्ठ होने की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) के पैर छुएंगे, लेकिन उनकी गलत नीतियों का विरोध भी करेंगे. यही नहीं चिराग ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav )को भी अपना छोटा भाई कहा है. उनके इस बयान के बाद और बदले अंदाज के बाद बिहार में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं.Also Read - तेजस्वी यादव ने दिया AIMIM को झटका, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के 4 विधायक RJD में हुए शामिल

सीएम नीतीश को लेकर चिराग का बड़ा बयान आया सामने
चिराग पासवान ने शनिवार को एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘जब भी मैं नीतीश कुमार से मिलूंगा तो मुझे सीएम के पैर छूने में कोई झिझक नहीं होगी, क्योंकि वो वरिष्ठ हैं, लेकिन मैं उनकी नीतियों के लिए उनका विरोध करता रहूंगा.’ उन्होंने कहा कि जिस लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने की थी, उसमें हुई टूट से उन्हें गहरा दुख हुआ है. Also Read - बिहार में मौसम का कहर, आकाशीय बिजली से अबतक 22 लोगों की मौत, कई जिलों में आज भी रेड अलर्ट जारी

तेजस्वी तो मेरे छोटे भाई के समान है
चिराग पासवान ने कहा कि दो राजनीतिक दिग्गजों लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध थे. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरे पिताजी (स्वर्गीय रामविलास पासवान) और लालू यादव काफी घनिष्ठ मित्र रहे हैं. मैं और तेजस्वी यादव एक दूसरे को बचपन से ही जानते हैं. हम लोग काफी अच्छे दोस्त हैं. तेजस्वी मेरे छोटे भाई के समान हैं. बिहार में जब चुनाव का समय आएगा तब पार्टी आरजेडी के साथ गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला लेगी.’ Also Read - आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शायराना अंदाज में साधा बीजेपी पर निशाना, मो. जुबैर की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

हनुमान के राजनीतिक वध को चुपचाप नहीं देखेंगे राम
चिराग पासवान ने आगे कहा कि सीएए, एनआरसी समेत हर कदम पर मैं बीजेपी के साथ खड़ा रहा हूं, जब कि नीतीश कुमार इससे असहमत थे.  चिराग ने कहा कि मैंने हनुमान की तरह प्रधानमंत्री जी का हर मुश्किल दौर में साथ दिया ओर आज जब हनुमान का राजनीतिक वध करने का प्रयास किया जा रहा है, मैं ये विश्वास करता हूं कि ऐसे में राम खामोशी से नहीं देखेंगे.