Bihar Politics: बिहार विधानसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भाषाई मर्यादा पार करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की. इतना ही नहीं, उन्‍होंने विरोधियों को चोर व बेइमान भी कह डाला. उनके इस तीखे रूख को लेकर सदन में हंगामा हो खड़ा हो गया और सत्तापक्ष ने तेजस्वी को भाषायी मर्यादा याद दिलाई. Also Read - बिहार में सोशल मीडिया पोस्ट वाले आदेश पर बवाल, तेजस्वी ने नीतीश को बताया- भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह

वहीं इसी पर विधानसभा के अंदर राज्यपाल फागू चौहान के अभिभाषण पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तेजस्वी यादव पर आग बबूला हो गए और सदन के अंदर ही जमकर खरी-खोटी सुनाई. सदन में नीतीश इतने गुस्से में आ गए जितना उन्हें पहले किसी और ने नहीं देखा होगा. Also Read - नीतीश सरकार का फरमान, मंत्रियों-अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया में की आपत्तीजनक टिप्पणी तो अब होगी गिरफ्तारी!

नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को लेकर कहा कि तेजस्वी हमारे भाई जैसे दोस्त के बेटे हैं, इसलिए हम सुनते रहते हैं. बता दें कि तेजस्वी ने सदन में नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 1991 में हुई एक हत्या के मामले में वे शामिल हैं. Also Read - TET Teachers Protest In Bihar: पटना DM से जब कहा-मैं Tejashwi बोल रहा हूं, लगे जिंदाबाद के नारे

तेजस्वी ने कई आरोप नीतीश कुमार पर लगाए और आपत्तिजनक टिप्पणी भी की. इसपर नीतीश कमार गुस्से में अपनी सीट पर उठकर बोले- जो बात ये बोल रहा है उसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि ये झूठ बोल रहा है. मेरे भाई समान दोस्त का बेटा है इस कारण इसे सुनता रहता हूं. इसे पतना नहीं होगा कि इसके पिता के विधायक दल का नेता किसने बनवाया था.

नीतीश ने आगे कहा कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री किसने बनाया ये भी इसे पता है. इसपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा तो मैंने जवाब मांगा, जब इसके यहां से जवाब नहीं आया तो हम अलग हो गए. तेजस्वी पर चार्जशीट है. बता दें कि इन सबके बाद सदन में इतना हंगामा शुरू हो गया कि सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा.