बिहार में शराबबंदी के समर्थन में 21 जनवरी को 11,292 किमी लंबी मानव श्रृंखला प्रस्तावित है। शनिवार को दोपहर 12.15 बजे से 1 बजे तक 45 मिनट के लिए इस मानव श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। इस मानव श्रृंखला में करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इतनी लंबी मानव श्रृंखला भी अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। इसकी वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य उच्च पथ को करीब 5 घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा। हालाकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेट, पानी के टैंकर, प्रशासनिक वाहन, मीडिया वाहन इत्यादि के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और आने-जाने की अनुमति दी गई है।

कोर्ट ने मानव श्रृंखला में स्कूली बच्चों के शामिल होने को लेकर सरकार से किया जवाब-तलबः

मानव श्रृंखला में स्कूली बच्चों के शामिल किए जाने को लेकर एक एनजीओ फोरम फॉर पब्लिक लिटिगेशन ने एक जनहित याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुे खंडपीठ ने कहा कि इसमें स्कूली बच्चों को शामिल करना अनिवार्य कैसे हो सकता है। कोर्ट ने सरकार से स्कूली बच्चों को शामिल करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोके जाने को लेकर जवाब देने को कहा है।

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परिवादी की ओर से जनहित याचिका को लेकर अपनी दलील पेश करते हुए अधिवक्ता शशि भूषण कुमार ने जानना चाहा था कि किस प्रवाधान के तहत इस मानव श्रृंखला में स्कूली बच्चों को शामिल किया जा रहा है तथा उस दिन राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य उच्च पथ पर यातायात को रोका जा रहा है। शशि भूषण ने समाचार पत्र की एक रिपोर्ट में सासाराम के एक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के मानव श्रृंखला में नहीं शामिल होने पर विद्यार्थियों को सरकारी लाभ से वंचित करने संबंधी आदेश को दिखाया था।

अदालत ने बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक पी के ठाकुर को कल स्वयं उपस्थित होकर इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को और यह स्पष्ट करने को कहा कि कैसे मीडिया आवश्यक सेवाओं में आता है जिनकी गाडी के उस दिन चलने की छूट होगी।शराबबंदी के पक्ष में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए आगामी 21 जनवरी तारीख के प्रस्तावित 11,292 किलोमीटर लंबी इस मानव श्रृंखला में करीब दो करोड लोगों के भाग लेने की संभावना है।
(भाषा समाचार एजेंसी के इनपुट से)