सुपौल/पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र की बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई. हालांकि दिवंगत नेता को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के दौरान 22 में से एक भी राइफल नहीं चली. इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया. इसको लेकर सोशल मीडिया में बिहार पुलिस की बंदूक न चलने को लेकर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. पूर्व मुख्यमंत्री की अंत्येष्टि सुपौल जिले के वीरपुर अनुमण्डल अंतर्गत बलुआ बाजार में की गई. जगन्नाथ मिश्र के अंतिम संस्कार के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित थे.

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पुलिस की एक भी राइफल नहीं चलने के मामले में सुपौल के पुलिस अधीक्षक मृत्युंजय चौधरी द्वारा लापरवाही बरतने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. बिहार पुलिस सैन्य बल के महानिदेशक से इसकी जांच कराए जाने पर यह बात सामने आयी है कि राजकीय सम्मान के साथ मिश्र की अंत्येष्टि के समय गार्ड ऑफ ऑनर देने में इस्तेमाल किये जाने वाले उक्त कारतूस (ब्लैंक कार्टज) जो कि केवल धमाके के लिए इस्तेमाल होते हैं, जिला पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए थे.

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बलुआ बाजार पहुंचकर जगन्नाथ मिश्र के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए. उन्होंने पुष्प-चक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी. मिश्र के बड़े पुत्र संजीव मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार और जवानों की सलामी के बीच उन्हें मुखाग्नि दी. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय सहित अनेक राजनेता, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, गणमान्य व्यक्ति आदि उपस्थित थे.

(इनपुट – एजेंसी)