नई दिल्ली/मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर आश्रय-गृह यौन शोषण मामले में सीबीआई ने बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के आवास सहित पांच परिसरों की आज सुबह तलाशी ली. अधिकारियों ने कहा कि वर्मा के पांच परिसरों के अलावा एनजीओ के संचालक ब्रजेश ठाकुर और उनके मित्रों तथा रिश्तेदारों के सात परिसरों पर भी तलाशी की गई. उन्होंने बताया कि पूर्व सामाजिक कल्याण मंत्री वर्मा के पटना स्थित तीन और मोतिहारी तथा भागलपुर स्थित एक-एक परिसरों पर छापे मारे गए. Also Read - Muzaffarpur shelter home case: दिल्‍ली की कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद सुनाई

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गौरतलब है कि बालिका गृह कांड मामले में 29 लड़कियों के साथ बलात्कार और यातना देने की बात सामने आई थी. मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कैसे बालिका गृह में छोटी-छोटी बच्चियों का शोषण किया गया. रिपोर्ट में बच्चियों के शरीर के कई हिस्‍सों पर जलने और कटने के निशान मिले हैं. रिपोर्ट में अनुसार बच्चियों का रोज यौन शोषण होता था और उन्‍हें नशीली दवाएं दी जाती थी या इंजेक्‍शन लगाया जाता था.

आरोप यह भी है कि बालिका गृह में सात और 17 साल की लड़कियों में से कुछ को यौन शोषण के चलते गर्भपात तक कराने को मजबूर होना पड़ा था. एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति की ओर से संचालित बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है. मंजू वर्मा ने उनके पति पर आश्रय-गृह की बच्चियों के यौन शोषण के संबंध में आरोप लगने के बाद पिछले सप्ताह पद से इस्तीफा दे दिया था.

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सीबीआई ने बालिका गृह यौन शोषण मामले में आश्रय गृह के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीबीआई प्रवक्ता का कहना है, आरोप है कि सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित आश्रय गृह के पदाधिकारी/कर्मचारी वहां रहने वाली बच्चियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते और उनका यौन शोषण करते थे. ( इनपुट एजेंसी )