Bihar Assembly Election 2020: बिहार के चुनाव में बाहुबली नेताओं का बोलबाला रहा है. विधानसभा चुनाव में भी कई बाहुबली अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें से अनंत सिंह जो बिहार के छोटे सरकार कहे जाते हैं, कैदी वैन से नामांकन करने पहुंचे. बता दें कि अनंत सिंह एके-47 मामले जेल में बंद हैं लेकिन इसके बाद भी उनके लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

अनंत सिंह पटना से कैदी वैन से अपना नामांकन करने मोकामा पहुंचे. अनंत सिंह पांचवी बार यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार राजद ने उन्हें टिकट दिया है. इसके साथ ही उनकी पत्नी ने भी आज बाढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

साल 2015 में अनंत सिंह ने जेडीयू से मतभेद के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा था. आरजेडी ने 2015 में उन्हें टिकट देने से इंकार कर दिया था तो वहीं, इस बार आरजेडी ने ही अनंत सिंह को टिकट दिया है और वो इस बार के चुनाव मैदान में उतरे हैं. Also Read - चिराग पासवान ने साधा नीतीश कुमार पर निशाना, बोले- कहीं लालू की शरण में न चले जाएं

ज्ञात हो कि मोकामा विधानसभा सीट में भूमिहार वोटर्स की संख्या अधिक है. खुद अनंत सिंह भी इसी जाति से आते हैं. मोकामा एक ऐसा इलाका है जहां दो अग्रिम जातियों के बीच पहले हुए चुनाव में कड़ी टक्कर रहती थी. खून तक बहाया जाता था. अनंत सिंह इस दौरान मोकामा में बाहुबली बनकर उभरे. 2005 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने उन्हें टिकट दिया और वे राजनीति में आ गए. आपराधिक छवि के बावजूद अनंत सिंह आज तक लगातार इस क्षेत्र से जीतते आए हैं. इस क्षेत्र में इनकी लोकप्रियता पहले की तरह आज भी बरकरार है.

अनंत सिंह फिलहाल आवास से  एके-47 की अवैध बरामदगी के मामले में सजायाफ्ता हैं और पटना के बेऊर जेल में बंद हैं. दरअसल, 2019 में बाढ़ के नदवां स्थित विधायक के पैतृक घर से बरामद एके 47 और दो हैंड ग्रेनेड मिले थे जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था.