पटना: बिहार में लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सबसे बड़े सियासी परिवार यानी राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार में विवाद गहराता जा रहा है. लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप ने यहां सोमवार को ‘लालू-राबड़ी मोर्चा’ बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने तो केवल दो सीटें मांगी थी, फिर भी लोगों के पेट में दर्द होने लगा. तेज प्रताप ने छोटे भाई पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से कहा कि वे चापलूसों से घिरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि चापलूस लोग इधर की बात उधर कर राजद को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इस चुनाव को आरपार की लड़ाई बताते हुए उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद के बताए रास्ते पर चलने वाले हम लोग हैं. राजद में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की पूछ नहीं है. यह मोर्चा ऐसे लोगों को आगे बढ़ाएगा, जिसने राजद को सींचा है. और इसलिए पार्टी में रहकर मेहनत कर रहे हैं.”

लालू-राबड़ी मोर्चा को राजद का अंग बताते हुए उन्होंने कहा कि यह मोर्चा युवा कार्यकर्ताओं की आवाज बनेगा. तेज प्रताप ने यहां एक निजी समाचार चैनल से बातचीत करते हुए सीट बंटवारे पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जो लोग तीन-चार बार चुनाव हार चुके हैं, उन्हें भी टिकट दे दिया गया. बिना कार्यकर्ता के पार्टी नहीं चल सकती. उन्होंने सारण सीट से चंद्रिका राय को टिकट दिए जाने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि राजद की परंपरागत सीट पर बाहरी को टिकट दे दिया गया है. उन्होंने अपनी मां राबड़ी देवी से चुनाव लड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि सारण सीट पर उन्हीं को लड़ना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज आरजेडी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. अगर आज पार्टी में सर्वे कराया जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी. तेज प्रताप ने किसी का नाम लिए बिना कहा, “राजद प्रदेश कार्यालय में जब मैंने जनता दरबार लगाया, तब भी लोगों के पेट में दर्द हुआ था. मैं तो जनता की समस्याएं सुन रहा था.”

तेजस्वी को समझाने के सवाल में कहा, “तेजस्वी अब बच्चा नहीं है. बच्चा था तब मैं थप्पड़ भी लगा देता था. अब उसे क्या समझाऊं?” तेज प्रताप ने शनिवार को जहानाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि चंद्रप्रकाश 24 अप्रैल को नामांकन करेंगे. इस सीट पर राजद ने सुरेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया है.