
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
बिहार के बक्सर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें चोरों ने 132 फीट के मोबाइल टावर को पूरी तरह गायब कर दिया. यह टावर कई साल से बंद पड़ा था. स्थानीय लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी. डुमरांव नगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 के एक रिहायशी इलाके में स्थित यह टावर GTL कंपनी का था. चोरों ने दो दिन तक लगातार काम करके टावर के सारे पार्ट्स, केबल, एंटीना, तकनीकी उपकरण और जनरेटर सेट सब कुछ खोलकर ले गए. जब कंपनी के अधिकारी टावर की मरम्मत और जांच के लिए पहुंचे तो उन्हें सिर्फ खाली जगह मिली. जी न्यूज की खबर के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुछ लोग दो दिनों तक वहां काम करते दिखे थे. वे टावर को सावधानी से खोल रहे थे और पार्ट्स को वाहनों पर लाद रहे थे. लोगों ने सोचा कि कंपनी के आधिकारिक कर्मचारी टावर हटा रहे हैं, इसलिए किसी ने कोई शक नहीं किया. इतनी बड़ी चोरी होने के बावजूद इलाके में कोई हलचल नहीं हुई, जो पूरे मामले को और रहस्यमयी बना रहा है.
कंपनी की टीम ने तुरंत डुमरांव थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पूछताछ में यही पता चला कि चोरों ने व्यवस्थित तरीके से काम किया और सब कुछ ले गए.
जिस जमीन पर टावर लगा था, उसके मालिक ने अलग दावा किया है. उनके अनुसार वर्ष 2010 में GTL कंपनी के साथ 12 साल का एग्रीमेंट हुआ था. लेकिन 2017 के बाद कंपनी ने किराया देना बंद कर दिया. जमीन मालिक ने कंपनी को चार बार कानूनी नोटिस भेजे थे. उनका आरोप है कि बकाया भुगतान न करने के कारण कंपनी की मिलीभगत से टावर हटाया गया.
पुलिस अभी यह तय नहीं कर पाई है कि यह संगठित चोरी है या फिर किराए के विवाद के चलते टावर हटाया गया. दोनों पक्षों की कहानियां अलग-अलग हैं. जांच जारी है और सच्चाई जल्द सामने आने की उम्मीद है. यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है. लोग हैरान हैं कि इतना बड़ा ढांचा बिना किसी की नजर आए कैसे गायब हो गया.
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