सासाराम। बिहार के सासाराम का रेलवे स्टेशन शाम में प्रतियोगी छात्रों से गुलजार रहता है. यहां छात्र समूह में पहुंचते हैं और स्ट्रीट लाइट के नीचे अपनी ग्रुप डिस्कशन की कक्षा लगाते हैं. डिस्कशन की यह कक्षा प्रतिदिन शाम 7-9 बजे के बीच लगती है. सासाराम स्टेशन पर ग्रुप डिस्कशन की यह परंपरा पिछले कई सालों से चल रही है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सासाराम में बिजली का आना-जाना लगा रहता है. इसी से ऊबकर 2002 में कुछ छात्रों ने स्टेशन की स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ाई करना शुरू कर दिया. उनकी देखा-देखी कई छात्र आने लगे और ग्रुप डिस्कशन की एक स्वस्थ परंपरा शुरू हो गई. अब तो हर रोज 25-30 छात्रों का समूह यहां ग्रुप डिस्कशन के लिए जुटता है. बताया जा रहा है यहां आने वाले छात्रों में से करीब 1500 लोगों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है.

यहां छात्रों के पढ़ाई करने से रेलवे प्रशासन को कोई परेशानी नहीं है. स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों ने बताया कि यह उनके लिए प्रेरणा देने वाला है. स्टूडेंट्स से उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है. स्ट्रीट लाइट में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के मुताबिक उनमें से अधिकतर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं.