पटना: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस के नेता भले ही उत्साहित हैं, परंतु बिहार में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ‘बड़े भाई’ की भूमिका को लेकर अब आमने-सामने आ गए हैं. राजद के एक नेता की मानें तो बिहार में राजद ही बड़े भाई की भूमिका में है. राजद विधायक और प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने बुधवार को कहा कि बिहार में राजद बड़ी पार्टी है, इस कारण यहां राजद ही बड़े भाई की भूमिका में रहेगी.

चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस के हावी होने के संबंध में पूछे जाने पर राजद नेता ने कहा, “यहां राजद पर कांग्रेस हावी नहीं हो सकती है. बड़े भाई के सामने कोई बोलता है क्या? बिहार में राजद बड़ी पार्टी है.”

राजद के नेता के इस बयान पर कांग्रेस ने भी पलटवार करने में देर नहीं लगाई. बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है और ऐसे में महागठबंधन में कांग्रेस कैसे छोटा भाई हो सकती है? उन्होंने कहा, “जिन तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को मात दी, वहां कांग्रेस ही चुनाव लड़ी थी. अगला लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. ऐसे में यह बयान ही हास्यास्पद है.”

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वैसे, पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के एक दिन पूर्व ही दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक में राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इशारों ही इशारों में अपने बड़े जनाधार का ताल ठोकते हुए क्षेत्रीय दलों को उचित प्रतिनिधित्व देने की बात रखी थी. उन्होंने कहा था कि जिन राज्यों में महागठबंधन के दल का जनाधार है, उसे ही वहां की ‘ड्राइविंग सीट’ पर बिठाया जाए.

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इन बयानों का मतलब सभी दलों की नजर ‘बड़े भाई’ की भूमिका को लेकर ज्यादा सीटों पर उम्मीदवारी के दावेदारी को लेकर मानी जा रही है. कहा जा रहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राजद के बीच तल्खी बढ़ रही है. कांग्रेस राजद से सीटों के बराबर बंटवारे की मांग कर रही है. वहीं, राजद उसे पिछले प्रदर्शन के आधार पर कम सीटें देने का प्रस्ताव दे रही है.