नई दिल्लीः कोरोना वायरस ने इन दिनों पूरी दुनिया को परेशान कर दिया है. हर छोटा-बड़ा देश कोरोना की मार झेल रहा है. ऐसे में कई देशों में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है. भारत में भी कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए लॉकडाउन जारी है. लेकिन, इन सबके बीच सबसे ज्यादा परेशानी में हैं प्रवासी मजदूर. जो अपने घर-परिवार से दूर अन्य राज्यों में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. लॉकडाउन के बीच बढ़ती आर्थिक परेशानियों के बीच अब ये प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर की तरफ रुख कर रहे हैं. जिससे इन पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है. Also Read - बिहार में साधारण किसान का बेटा बना 10वीं का टॉपर, परिवार सब्‍जी बेचकर करता है गुजारा

दरअसल, सैकड़ों मजदूर इकट्ठा होकर अपने-अपने राज्यों के लिए निकल रहे हैं. कुछ श्रमिकों के लिए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेन के जरिए तो कुछ पैदल यात्रा कर अपने गांव-घर पहुंच रहे हैं. ऐसे में कोरोना से संबंधित कुछ ऐसे आंकड़े सामने आ रहे हैं, जो चौंकाने वाले हैं. इनके मुताबिक, 18 मई तक बिहार पहुंचे मजदूरों में से 8337 प्रवासी मजदूरों की टेस्टिंग की गई, जिनमें से 8 फीसदी श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए. Also Read - बिहार में Coronavirus के 133 नए मामले, बढ़कर कुल 2870 हुए, पढ़े जिलेवार डिटेल

वहीं अन्य राज्यों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है. जहां अलग-अलग राज्यों से पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों में कोरोना के मामले हैरान कर रहे हैं. वहीं बिहार में पश्चिम बंगाल से लौटे 265 मजदूरों के लिए गए नमूनों में से 33 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. दूसरे राज्यों से आ रहे प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव होने से राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. Also Read - भारत में शुरू हुईं घरेलू उड़ानें, WHO ने कहा- कोरोना से बचने के लिए 'एक मीटर की दूरी बहुत जरूरी'

बिहार में आज कोविड-19 की पहली रिपोर्ट आई जिसमें 19 और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इन नए मामलों के बाद अब राज्य में कुल 1442 लोग कोरोना संक्रमित हैं. बता दें कि ये 19 मामले दस जिलों से सामने आए हैं इनमें कैमूर, शेखपुरा और मधेपुरा में 2-2, बक्सर, समस्तीपुर, जहानाबाद और पटना में एक-एक, सुपौल, नवादा और गया में तीन -तीन कोरोना संक्रमित लोग मिले हैं. इससे पहले सोमवार को बिहार में कोरोना के 103 मामले सामने आए थे.