नई दिल्ली: बिहार के भोजपुर जिले में एक युवक की हत्या में शामिल होने के संदेह में उग्र भीड़ ने एक महिला के कपड़े फाड़ दिए और उसे निर्वस्त्र करके घुमाया. इस दौरान उसकी पिटाई भी की गई. पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने बताया कि यह घटना रविवार को लापता हुए 19 वर्षीय विमलेश शाह का सोमवार सुबह शव रेलवे ट्रैक के नजदीक बरामद होने के बाद हुई. उन्होंने बताया कि शाह के गांव दामोदरपुर के लोगों ने उसका शव बरामद होने के बाद रेड लाइट एरिया में रहने वालों पर उसकी गला घोंट कर हत्या करने का संदेह व्यक्त किया. Also Read - Bihar Polls: बिहार में पहले चरण की 71 सीटों पर मतदान जारी, क्या नीतीश कुमार एक बार फिर मारेंगे बाजी?

ग्रामीणों ने स्थानीय बाजार में कई दुकानों में आग लगा दी और कई लोगों की पिटाई की. उग्र ग्रामीणों ने एक महिला के कपड़े फाड़ दिये और उसके बाद उसे निर्वस्त्र करके घुमाया. इस दौरान महिला की पिटाई भी की गई. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भीड़ ने पास से गुजर रही ट्रेन पर भी पथराव किया. उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को हिंसा पर उतारू लोगों को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी. भीड़ की ओर से भी गोलीबारी की गयी. उन्होंने वहां स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के साथ भीड़ में शामिल लोगों की शिनाख्त कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : 'बाबू साहब' के बयान पर घिरे तेजस्वी यादव ने दी सफाई, बोले- बड़का बाबू, छोटका बाबू कौन है

तेजस्वी ने बोला तीखा हमला
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने ट्वीट किया, माननीय मुख्यमंत्री जी, ये क्या हो रहा है मेरे बिहार में? आज एक महिला को नंगा कर सड़क पर दौड़ा कर पीटा गया है.कहां दुबके हुए है ख़ुलासा मियां SushilModi जी? आपने बिहार को महाजंगलराज और राक्षस राज में तब्दील कर दिया है. आपको सबकुछ मंगलमय दिख रहा है क्या? Also Read - जश्‍न में फायरिंग: लोक गायक व एक्‍टर गोलू राजा को सीने में लगी गोली, BJP नेता पर केस दर्ज

उन्होंने एक और ट्वीट किया, नीतीश जी के कुशासनी राज में कल बिहार के आरा में एक महिला को निर्वस्त्र दौड़ा-दौड़ा कर मॉब लिंचिंग की कोशिश की गई. इंसानियत को तार-तार करने वाली इस घिनौनी घटना को देख व सुन रूह कांप गई. नैतिक बाबू, अगर मानवता, शर्म और संवेदना बची है तो अंतरात्मा जगा जल्दी से राजभवन पहुंचिए.