सूरत: गुजरात के सूरत में सड़क किनारे बिहार के 32 साल के एक युवक के मृत मिलने के दो दिन बाद पुलिस ने रविवार को यह कहते हुए नफरत आधारित अपराध किए जाने की अफवाहों का खंडन किया कि इस व्यक्ति की मौत सड़क हादसे में हुई थी. बता दें कि बिहार के एक न्यूज पोर्टल ने दावा किया कि यह हत्या है और 15 साल का था, लेकिन उसने यह खबर देने से पहले सूरत पुलिस का बयान नहीं लिया. मृतक व्यक्ति 32 साल था. मृतक के परिवार ने दावा किया था कि उसकी हत्या कर दी गई. उसके भाई राकेश सिंह ने कहा था कि अमरजीत को रात करीब 10 बजे फोन आया था, जिसके बाद वह किसी से मिलने निकला था

इसी माह की शुरुआत में साबरकांठा में 14 महीने की एक बच्ची से बलात्कार के मामले में बिहार के एक श्रमिक को गिरफ्तार किए जाने के बाद गुजरात के कुछ जिलों में हिंदी भाषियों पर हमले की घटनाएं सामने आई थीं.

माना जाता है कि गुजरात के शहरों में सबसे अधिक प्रवासी सूरत में रहते हैं. शुक्रवार की रात को सूरत के खटोडारा क्षेत्र में अमरजीत सिंह नामक व्यक्ति का शव मिलने पर संदेह प्रकट किया गया था कि किसी ने उस पर हमला किया होगा और उसकी हत्या कर दी होगी.

सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने रविवार को कहा, ”अबतक मिले सबूत दर्शाते हैं कि यह दुर्घटना का मामला है. प्राथमिक फोरेंसिक परीक्षण दर्शाता है कि यह मोटरसाइकिल हादसा है. उसकी मोटरसाइकिल पेड़ से टकरा गई. उसे अस्पताल ले जाने वालों के बयान से भी इसकी पुष्टि हुई है.” सिंह का मोबाइल फोन गायब हो जाने के बारे में शर्मा ने कहा कि हो सकता है कि हादसे के बाद किसी ने उसका मोबाइल ले लिया हो. उन्होंने कहा, ”हम किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं. हम सभी कोणों से मामले की जांच कर रहे हैं.”

सूरत के पुलिस आयुक्त शर्मा ने यह भी कहा कि बिहार के एक न्यूज पोर्टल ने दावा किया कि यह हत्या है और सिंह 15 साल का था, लेकिन उसने यह खबर देने से पहले सूरत पुलिस का बयान नहीं लिया. मृतक व्यक्ति 32 साल था.

सिंह के परिवार ने दावा किया था कि उसकी हत्या कर दी गई. उसके भाई राकेश सिंह ने कहा था कि अमरजीत को रात करीब 10 बजे फोन आया था, जिसके बाद वह किसी से मिलने निकला था.