पटना. बिहार राजग में इन दिनों सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा. इस महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और सीएम नीतीश कुमार के बीच मुलाकात के बाद ये लगा था कि सीटों के बंटवारे पर चल रहा विवाद खत्म होने के साथ ही गठबंधन की तनातनी पर विराम लग गया. लेकिन महज पखवाड़ा बीतते ही एक बार फिर अंदरूनी कलह सिर उठाने लगी है. पहले यह खींचातानी भाजपा और जदयू के बीच थी, अब रालोसपा और जदयू के बीच शुरू हो गई है. दरअसल, रालोसपा के प्रमुख और केंद्री मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अब यह पद छोड़ देना चाहिए. हालांकि उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाया है, लेकिन यह जरूर कहा है कि नीतीश कुमार लगातार 15 साल तक सीएम पद पर रह चुके हैं. अब उन्हें यह पद छोड़ देना चाहिए. कुशवाहा के इस बयान पर विवाद शुरू हो गया है.

कुशवाहा के बयान पर भाजपा ने किया किनारा
केंद्रीय मंत्री और राजग के प्रमुख सहयोगी रालोसपा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर जैसा की उम्मीद थी, सियासी हंगामा मचना ही था. सियासी जानकारों ने कुशवाहा के बयान को एक बार फिर राजग की कलह के रूप में देखा. वहीं, राजग की प्रमुख पार्टी भाजपा ने कुशवाहा के बयान से किनारा कर लिया है. बिहार के डिप्टी सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने इस बयान को निजी करार दिया है. आज किए गए अपने एक ट्वीट में सुशील मोदी ने कहा, ‘2020 में नीतीश कुमार को हटने के लिए कह रहे राजग के कुछ नेताओं की निजी राय से भाजपा सहमत नहीं है.’ यहां यह गौरतलब है कि सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में किसी नेता का नाम नहीं लिया है. लेकिन बातों ही बातों में उन्होंने कुशवाहा को भाजपा के रवैये से वाकिफ करा दिया है.

सुशील मोदी ने नीतीश कुमार की सराहना की
एक तरफ जहां भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बयान से किनारा किया है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने आज ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना भी की है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करने के लिए मोदी ने सीएम नीतीश की सराहना की है. उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी के संबंध में विपक्षी राजद पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है. सुशील मोदी ने ट्वीट किया, ‘मुजफ्फरपुर दुष्कर्म मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए नीतीश कुमार का शुक्रिया. कोई भी बच नहीं पाएगा.’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘मैं खुश हूं कि लालू एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीबीआई जांच में पूरी आस्था दिखाई है, पहली बार सृजन घोटाले में और अब मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में. अब वे आईआरसीटीसी घोटाले में उन सबके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के लिए सीबीआई पर दोष नहीं मढ़ेंगे.’

(इनपुट – एजेंसी)