Bihar Assembly Election 2020: सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान और लोजपा के गठबंधन से बाहर जाने के बाद एनडीए की आज  पटना के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें बिहार के सीएम सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ ही एनडीए के सभी वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इस प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा और जदयू ने सीटों के बंटवारे का ऐलान किया और सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी दी. Also Read - क्या फ्री कोरोना वैक्सीन का वादा कानून के खिलाफ है? जानिए क्या बोले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

प्रेस को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि जदयू को 122 सीटें मिली हैं जिसमें से जदयू ने सात सीटें अपनी तरफ से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को दी हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि भाजपा के हिस्से 121 सीटें आई हैं जिसमें से भाजपा अपनी तरफ से कुछ सीटें विकासशील इंसान पार्टी को देगी. Also Read - तेजस्वी का नीतीश पर तंज, '9 नवंबर को मेरा जन्मदिन और लालू जी की रिहाई, 10 तारीख को होगी नीतीश जी की विदाई'

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इसके साथ ही नीतीश कुमार ने लोजपा पर तंज कसा और कहा कि मुझे मालूम है कि राम विलास पासवान जी की तबियत ठीक नहीं है, हम चाहते हैं कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं. लेकिन क्या जदयू की मदद के बिना रामविलास पासवान राज्यसभा जा सकते थे. लोजपा की कितनी सीटें हैं बिहार विधानसभा में, बस दो फिर भी जदयू भाजपा ने उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया. इसके बावजूद लोग हमारे बारे में क्या क्या कह रहे हैं. तो कहने दीजिए.

बता दें कि जदयू ने सोमवार को ही अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ ही उन्हें सिंबल देना शुरू कर दिया था वहीं भाजपा आज अपने प्रत्याशियों की भी लिस्ट जारी करेगी.

सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए गए हैं और  चयनित प्रत्याशियों को फोन कर नामांकन के लिए अपने कागजात तैयार करने के लिए भी कह दिया गया है. तो वहीं टिकट नहीं मिलने से नाराज कई नेताओं ने पार्टी को छोड़ने का फैसला भी कर लिया है. हाल ही में पार्टी में शामिल हुईं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की बेटी श्रेयसी सिंह के जमुई से उम्मीदवारी पक्की होने के बाद नाराज पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व विधायक अजय प्रताप ने रालोसपा का दामन थाम लिया है.