नई दिल्ली. बिहार में सत्तारूढ़ राजग गठबंधन और विपक्ष के बीच पिछले कुछ महीनों से ठनी ‘रार’ कम होने का नाम नहीं ले रही है. अव्वल इसमें अब ईद की इफ्तार पार्टियां भी ‘घी’ डालने का काम कर रही हैं. बुधवार को जदयू और राजद, दोनों पार्टियों ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया. यूं तो दोनों दलों की ये पार्टियां औपचारिक ही थीं, लेकिन सियासतदां एक साथ बैठें और कोई ‘चर्चा’ न हो, ये तो हो नहीं सकता. जदयू की इफ्तार पार्टी में राजग के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी, लेकिन रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा के न रहने पर अटकलें लगनी शुरू हो गईं. वहीं, राजद की इफ्तार पार्टी में भाजपा नेता और पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पहुंच गए, तो सियासी अटकलों का बाजार और भी गर्म हो गया. रही-सही कसर शत्रुघ्न सिन्हा को लालू-परिवार की ओर से राजद में शामिल होने के ‘ऑफर’ ने पूरी कर दी.

लालू परिवार ने दिया राजद में आने का ऑफर
अपनी तीखी टिप्पणियों और कटाक्षों से आए दिन केंद्र की भाजपा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला करने वाले भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को लालू प्रसाद की बेटी सांसद मीसा भारती और बेटे तेजस्वी व तेजप्रताप ने खुले तौर पर राजद में शामिल होने का ऑफर दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सांसद मीसा भारती ने सिन्हा से आग्रह किया कि वे राजद के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ें. बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने भी कहा कि राजद, शत्रुघ्न सिन्हा की पार्टी है, वे जहां से चाहेंगे चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने भी अपनी बहन और भाई के प्रस्तावों के साथ हां में हां मिलाते हुए कहा कि राजद के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. तबीयत खराब होने की वजह से इस इफ्तार पार्टी में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शिरकत नहीं कर सके.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जन्मदिन पर भी शत्रुघ्न सिन्हा उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जन्मदिन पर भी शत्रुघ्न सिन्हा उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे.

 

‘बिहारी बाबू’ ने कहा- पारिवारिक मित्र के नाते आया
हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा ने इस ऑफर को तत्काल अपने राजनीतिक तजुर्बे से टालते हुए कहा कि यह सही अवसर नहीं है, इस पर फिर कभी बात होगी. उन्होंने राजद की पार्टी में आने का कारण बताते हुए कहा कि लालू प्रसाद उनके दोस्त हैं और वे दोस्त के परिवार के बीच आए हैं. तेजस्वी यादव के आवास पर हुई इफ्तार पार्टी में सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह पवित्र एवं खुशी का अवसर है. इफ्तार पार्टियां हमारी साझी संस्कृति का हिस्सा हैं. लालू प्रसाद मेरे प्रिय दोस्त हैं. मैं अपने पारिवारिक दोस्तों के बीच पहुंचकर खुश हूं.’ वहीं मीडिया ने जब उनसे जदयू की इफ्तार पार्टी में जाने से संबंधित सवाल पूछा तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से ही इनकार कर दिया. जदयू की इफ्तार पार्टी के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा, ‘उन्हें हजभवन कार्यक्रम की जानकारी नहीं है.’ पार्टी से नाखुश भाजपा सांसद के इन्हीं जवाबों ने बिहार की राजनीति में अटकलों को जन्म दिया.

इधर, जदयू की पार्टी में नहीं दिखे कुशवाहा
राजद की इफ्तार पार्टी के दिन ही जदयू ने भी हज भवन में इफ्तार का आयोजन किया था. इसमें राजग के सभी सहयोगी दलों के प्रमुख नेता पहुंचे, लेकिन रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का इस पार्टी में नजर न आना, चर्चा में रहा. इस पार्टी में लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान और भाजपा नेता व बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी पहुंचे थे. रालोसपा के कई नेता- सांसद रामकुमार शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी आदि भी इस पार्टी में नजर आए, लेकिन कुशवाहा नहीं थे. इस पर रालोसपा के प्रवक्ता अभयानंद सुमन ने कहा कि कुशवाहा को आवश्यक काम की वजह से दिल्ली जाना पड़ा, इसलिए वे पार्टी में शरीक नहीं हो सके. आपको बता दें कि कुछ दिन पहले एनडीए नेताओं के सामूहिक भोज में भी रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा नहीं पहुंच पाए थे. उस समय भी उनके राजग से अलग दिशा में चलने को लेकर अटकलें लगी थीं.