'बुर्का, हिजाब या मास्क पहने ग्राहकों को नहीं मिलेगी एंट्री', ज्वेलरी दुकानों पर लगे नोटिस से मचा बवाल- जानिये कहां का है मामला

Bihar News Hindi: ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यह फैसला राज्य भर के जिला अध्यक्षों के साथ मीटिंग के बाद लिया गया है.

Published date india.com Updated: January 7, 2026 5:25 PM IST
'बुर्का, हिजाब या मास्क पहने ग्राहकों को नहीं मिलेगी एंट्री', ज्वेलरी दुकानों पर लगे नोटिस से मचा बवाल- जानिये कहां का है मामला

Bihar News Hindi: बिहार में ज्वेलरी व्यापारियों ने अपनी दुकान के आगे एक ऐसा नोटिस लगा दिया जिससे विवाद खड़ा हो गया है. नोटिस में यह साफ-साफ लिखा है कि बुर्का, नकाब, मास्क या हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों को दुकान में घुसने नहीं दिया जाएगा. हाल ही में उत्तर प्रदेश के झांसी में भी ज्वेलर्स ने ऐसा ही फैसला लिया था और अब इसका असर बिहार में भी दिख रहा है. राज्य भर में ज्वेलरी दुकान मालिकों ने नोटिस लगाए हैं, जिनमें कहा गया है कि ग्राहकों को दुकानों में घुसने से पहले अपने चेहरे से कवर हटाना होगा. इस कदम से राजनीतिक बहस छिड़ गई है.

क्यों उठाया गया यह कदम?

ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यह फैसला राज्य भर के जिला अध्यक्षों के साथ मीटिंग के बाद लिया गया है. उन्होंने कहा कि ज्वेलरी की दुकानों में घुसने से पहले ग्राहकों से मास्क, हेलमेट, बुर्का या हिजाब हटाने के लिए कहा जाएगा. वर्मा के मुताबिक, यह फैसला सुरक्षा के नजरिए से उठाया गया है, क्योंकि पहले भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें लोगों ने अपना चेहरा छिपाया था. इससे पुलिस के लिए भी पहचान करना मुश्किल हो गया था. उन्होंने बताया कि इस फैसले के बारे में पटना सेंट्रल SP को फोन पर जानकारी दे दी गई है और DGP, मुख्य सचिव और गृह विभाग को भी चिट्ठियां भेजी गई हैं.

किन-किन जिलों के ज्वेलरी व्यापारी हुए शामिल?

वर्मा ने कहा कि ज्यादातर ज्वेलरी ग्राहक महिलाएं होती हैं. उनकी गरिमा को ध्यान में रखते हुए उनसे विनम्रता से अनुरोध किया जाएगा, खासकर इसलिए क्योंकि कई दुकानों में महिला सेल्स स्टाफ भी हैं. हालांकि, अगर कोई ग्राहक बात नहीं मानता है तो दुकान ज्वेलरी नहीं बेचेगी. उन्होंने यह भी बताया कि सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर होने के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ गए हैं. मीटिंग में गोपालगंज, छपरा, डेहरी-ऑन-सोन, आरा, बक्सर, भागलपुर, गया, सासाराम, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना और नवादा सहित अन्य जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस फैसले के बाद, पटना की ज्यादातर ज्वेलरी दुकानों ने ऐसे नोटिस लगा दिए हैं. बाकरगंज, जिसे एक बड़ा ज्वेलरी हब माना जाता है, वहां के व्यापारियों ने कहा कि यह कदम सुरक्षा कारणों से जरूरी और सही है.

क्या है AIMIM का रुख

मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा कि वह इस फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की गरिमा की भी रक्षा की जानी चाहिए. हसन ने कहा, ‘सुरक्षा जरूरी है, लेकिन मुस्लिम महिलाओं की गरिमा भी उतनी ही जरूरी है. अगर ऐसा नियम लागू होता है, तो दुकानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला सेल्स स्टाफ ही महिला ग्राहकों से बात करें.’

JDU ने क्या बोला

वहीं, जनता दल यूनाइटेड (JDU) की प्रवक्ता अंजुम आरा ने व्यापारियों से सोच-समझकर फैसले लेने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि ऐसे नोटिस बुर्का या हिजाब पहनने वाली महिलाओं को असहज कर सकते हैं और व्यापार पर भी बुरा असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा, ‘यह धर्म से जुड़ा मामला है. हर धर्म कपड़ों और निजी पसंद में आजादी देता है. कोई भी फैसला सोच-समझकर लिया जाना चाहिए.’

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Bihar की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.