पटना: लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक और NDA सरकार में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवन अब हमारे बीच नहीं है. उनके निधन की जानकारी उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर दी. कहते हैं जिसने भूख को जिया हो वही भूख को और भूखों को समझ सकता है. कुछ ऐसे ही थे रामविलास पासवान. पासवान देश के उन नेताओं में आते हैं जिन्होंने फर्श से अर्श का सफर अपने बलबूते पर तय किया. एक गरीब दलित परिवार में जन्में रामविलास पासवान की इच्छाशक्ति ही थी जिसने उन्हें सर्वोच्च नेताओं की सूची में लाकर खड़ा कर दिया. पासवान हमेंशा गरीब और पिछड़ों की बात करते थे. देश में महामारी के दौरान गरीब लोगों व राशनकार्ड धारकों को भोजना संबंधी परेशानियों से गुजरना पड़ा. इस कारण वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को लागू किया गया. इस योजना को लागू करने में रामविलास पासवान की अहम भूमिका है. Also Read - VIDEO: बिहार पॉलिटिक्स में नया ट्विस्ट: रामविलास के श्राद्धकर्म में पहुंचे नीतीश-तेजस्वी, बीच में दिखे चिराग

दरअसल वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को योजनाबद्ध और प्रक्रियाबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू करवाने का श्रेय पासवान को ही जाता है. उनकी सोच थी कि इस योजना के लागू होने से देश की तस्वीर बदलेगी. इसका लाभ हर गरीब को मिलेगा और इसके लागू होने से देश में कोई भी भूखा नहीं सोएगा. हुआ भी कुछ ऐसा ही. वन नेशन वन राशन कार्ड एक ऐतिहासिक फैसला साबित हुआ. पूरे देश में महामारी के दौरान पलायन कर रहे मजदूरोंम को अब उनके भोजन की चिंता नहीं रही. देश के कोने-कोने में राशन कार्ड धारकों ने राशन उठाया और अपने पेट भरे. Also Read - FAO की वर्षगांठ पर बोले पीएम मोदी- सरकार जल्द बेटियों की शादी की सही उम्र को लेकर करेगी बड़ा फैसला

बता दें कि इस योजना को पूरे देश में लागू करवाने के लिए रामविलास पासवान ने खूब मेहनत की ताकि हर गरीब तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जा सके. इस योजना के मानकों को पूरे देश में पासवान ने 31 मार्च 2021 को लागू कर दिया था. 1 जनवरी 2020 को इस योजना की शुरुआत रामविलास पासवान के ही नेतृत्व में हुई. शुरुआती दौर में इसे देश के 12 राज्यों में लागू किया गया था. वहीं 31 मार्च आते आते पूरे देश में इसे लागू कर दिया गया. Also Read - बैठक में नहीं पहुंचे कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, तो मीटिंग से बाहर आए किसानों ने फाड़ी बिल की कॉपी, मचा बवाल

बता दें कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार 81 करोड़ लोगों को कम दामों पर अनाज उपलब्ध करा रही है. जन वितरण राशन प्रणाली के जरिए राशन की दुकान से 3 रुपये प्रति किलोग्राम दर से चावल और 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेंहू व एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मोटा अनाज आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है.