नई दिल्ली. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बिहार में बच्चों के कथित उत्पीड़न के आरोप में चार और शेल्टर होम के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं. यह जानकारी गुरुवार को एक अधिकारी ने दी. सीबीआई ने जिन चार शेल्टर होम के खिलाफ नए मामले दर्ज किए हैं उनमें दो मुंगेर में हैं और एक गया और एक भागलपुर में हैं. सीबीआई ने इनके खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किए. एफआईआर के अनुसार, इन शेल्टर होम के संचालन में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया. साथ ही, इनमें वित्तीय अनियमितताएं भी बरती गईं. Also Read - Coal Smuggling: छापेमारी करने गई CBI तो हुआ हादसा, ECL अधिकारी की हो गई मौत

पिछले साल 11 नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की रिपोर्ट में शामिल बिहार के 17 शेल्टर होम में बच्चों के कथित उत्पीड़न की जांच करने को कहा था. इनमें से ज्यादातर लड़कों के शेल्टर होम शामिल हैं. टीआईएसएस की प्रारंभिक जांच में पता चला चला है कि इन शेल्टर होम की महिला कर्मचारी लड़कों को दूसरी महिलाओं को गंदे संदेश भेजने के लिए कहती थीं. सीबीआई ने मंगलवार को भी चार अलग-अलग शेल्टर होम के खिलाफ मामले दर्ज किए. Also Read - Roshni Land Scam Latest News: CBI ने J&K के पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता के खिलाफ केस दर्ज

इससे पहले पिछले साल मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला उजागर होने पर पूरे देश का ध्यान इस ओर गया था. वह मामला भी टीआईएसएस की रिपोर्ट आने पर उजागर हुआ था, जिसमें एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में लड़कियों का यौन-उत्पीड़न किए जाने की बात सामने आई. शेल्टर होम का संचालन ब्रजेश ठाकुर द्वारा किया जा रहा था. मामले में ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ 31 मई को मामला दर्ज किया गया. बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई. Also Read - राजीव गांधी हत्याकांड: सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- दोषी की सजा माफी पर राज्यपाल को फैसला करना है