बेगूसराय: बिहार की पूर्व सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध तरीके से कारतूस रखने के मामले में गिरफ्तार करने के लिए प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को राज्य में कई जगह छापे मारे. सूत्रों ने कहा कि एसपी ने मामले में पूर्व मंत्री को पकड़ने के आदेश जारी नहीं किए हैं, क्योंकि अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया है. बता दें कि अगस्त में मंजू वर्मा ने सामाजिक कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जब इस बात का पता चला कि उनके पति चंद्रशेखर वर्मा ने जनवरी और जून के बीच यौन शोषण मामले के प्रमुख आरोपी ब्रजेश ठाकुर से 17 बार बातचीत की थी.

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एसपी आदित्य कुमार ने बताया, “चंद्रशेखर वर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट अदालत से मिलने के बाद पूरे प्रदेश में छापेमारी के लिए पुलिस उपाधीक्षक सूर्यदेव कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय दल का गठन किया गया था. उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि टीम आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

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अधिकारी ने बताया, “उनके कुछ दूर के रिश्तेदार वर्तमान में वर्मा के बेगूसराय निवास में रह रहे हैं. उनका पूरा परिवार फरार है.” उन्होंने कहा कि बेगूसराय, खगड़िया और आसपास के अन्य जिलों में उनके संभावित ठिकानों पर पहले ही छापेमारी की जा चुकी है.

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मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड के सिलसिले में सीबीआई की छापेमारी के दौरान बेगूसराय जिले में स्थित वर्मा के ससुराल से 50 कारतूस बरामद हुए थे. इसके बाद शस्त्र अधिनियम, 1959 के तहत अगस्त में पूर्व मंत्री और उनके पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले महीने बिहार में लगभग 12 स्थानों पर छापा मारा था. इसमें पटना स्थित मंजू वर्मा के आवास के अलावा बेगूसराय के अर्जुन टोला गांव स्थित चंद्रशेखर वर्मा का ससुराल भी शामिल है.

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