नई दिल्ली: अपनी ही पार्टी में चुनौतियों का सामना कर रहे लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध “एकतरफा” नहीं रह सकते हैं और यदि उन्हें घेरने का प्रयास जारी रहा तो वह अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर सभी संभावनाओं पर विचार करेंगे.Also Read - द्रौपदी मुर्मू को सर्वसम्मति से राष्ट्रपति बनवाने की मुहिम, भाजपा ने विपक्ष से की अपील

चिराग पासवान ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनके पिता रामविलास पासवान और वह हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) तथा भाजपा के साथ ‘चट्टान’ की तरह खड़े रहे, लेकिन जब इन ‘कठिन’ समय के दौरान उनके हस्तक्षेप की उम्मीद थी, तो भगवा दल साथ नहीं था. Also Read - महाराष्ट्र सियासी संकट: उद्धव ठाकरे ने कहा- अपने ही लोगों ने गद्दारी की, BJP ने हमें हमेशा धोखा दिया, मैं इस्तीफे को तैयार

चिराग ने रेखांकित किया कि उनका नरेंद्र मोदी में विश्वास कायम है. उन्होंने कहा, “लेकिन अगर आपको घेरा जाता है, धकेला जाता है और कोई फैसला लेने के लिए मजबूर किया जाता है, तो पार्टी सभी संभावनाओं पर विचार करेगी. लोजपा को अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में इस आधार पर निर्णय लेना होगा कि कौन उसके साथ खड़ा था और कौन नहीं.” Also Read - बीजेपी को उमा भारती की नसीहतः राजनीतिक लाभ के लिए द्रौपदी मुर्मू के सांस्कृतिक पहचान का इस्तेमाल ना करें

यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा संकट के दौरान भाजपा ने उनसे संपर्क किया था, उन्होंने कहा कि भगवा दल का चुप रहना “उचित” नहीं था, जबकि जद (यू) लोजपा में विभाजन के लिए ‘काम कर रही थी.’ चिराग ने कहा, “मुझे उम्मीद थी कि वे (भाजपा) मध्यस्थता करेंगे और चीजों को सुलझाने का प्रयास करेंगे. उनकी चुप्पी निश्चित रूप से आहत करती है.” भाजपा ने कहा है कि लोजपा का संकट क्षेत्रीय पार्टी का आंतरिक मामला है.