नई दिल्ली: केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने लोक सभा सदस्य चिराग पासवान और 12 जनपथ बंगले में रह रहे अन्य लोगों को एक नोटिस जारी कर उनसे यह आवास खाली करने को कहा है, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को आवंटित किया गया था. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.Also Read - किसानों के आंदोलन पर केंद्र और राज्य सरकारों को NHRC ने दिया नोटिस, ये है वजह

इस घटनाक्रम पर चिराग पासवान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. वह रामविलास पासवान के बेटे हैं. यह बंगला लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का आधिकारिक पता है, जो वहां नियमित तौर पर अपनी संगठनात्मक बैठकें और अन्य संबद्ध कार्यक्रम आयोजित करती रही है. Also Read - बिहार: चिराग पासवान और तेजस्वी यादव मिले, कहा- 'दोनों परिवारों में पारिवारिक संबंध'

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बंगला केंद्रीय मंत्रियों के लिए है और इस सरकारी आवास में रह रहे लोगों से उसे खाली करने को कहा गया है. लोजपा संस्थापक रामविलास पासवान पिछले साल अक्टूबर में निधन होने तक करीब तीन दशक इस बंगले में रहे थे. वर्तमान में उनकी पत्नी, बेटे चिराग पासवान और परिवार के अन्य लोग यहां रह रहे हैं. Also Read - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे, गौरक्षा हिन्दुओं का मौलिक अधिकार

पिछले महीने, केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय ने नोटिस जारी किया था. अधिकारी ने कहा, ‘‘आवास खाली करने का नोटिस इस बंगले में रह रहे लोगों को भेजा गया है.’’ रामविलास पासवान देश के प्रमुख दलित नेताओं में शामिल थे. पिछले साल अक्टूबर में 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था.

वह 1989 से ही विभिन्न विचारधारा वाली पार्टियों की सरकारों में केंद्र में मंत्री रहे थे. उल्लेखनीय है कि लोजपा के नेतृत्व को लेकर चिराग की अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ रस्साकशी चल रही है. बिहार के हाजीपुर से सांसद पारस को पिछले महीने नरेंद्र मोदी नीत सरकार में मंत्री बनाया गया है.