नई दिल्ली: सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill ) पेश किया. इस विधेयक को बहुमत के साथ लोकसभा में पास करा लिया गया. नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा किया और विधेयक को गलत बताया. इस विधेयक को  एनडीए गठबंधन की पार्टियों ने समर्थन दिया. जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी लोकसभा में विधेयक का समर्थन किया. जदयू की तरफ से बिल के समर्थन किए जाने को लेकर पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने निराशा जाहिर की है.

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प्रशांत ने पार्टी की तरफ से विधेयक को समर्थन दिए जाने पर ट्वीट कर निराशा जाहिर की. उन्होंने लिखा- जदयू के नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन देने से निराश हुआ हूं. इस विधेयक में धर्म के आधार पर नागरिकता देने की बात है जो कि भेदभावपूर्ण है. यह पार्टी के संविधान से मेल नहीं खाता. इसके पहले पन्ने पर तीन बार धर्मनिरपेक्ष शब्द आता है. पार्टी का सिद्धांत गांधीवादी है. गौरतलब है लोकसभा में विधेयक के समर्थन में जदयू सासंद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा था कि यह बिल धर्मनिरपक्षता के खिलाफ नहीं है.

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बता दें कि इस बिल के विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बिल में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को स्थान दिया गया है. हिंदू, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध और इसाई धर्म के लोग इन देशों में अल्पसंख्यक हैं. इस बिल में मुसलमानों का कोई जिक्र नहीं किया गया है. इस बिल को विपक्ष ने संविधान के खिलाफ बताया है.