पटना: बिहार मंत्रिपरिषद ने पटना मेट्रो रेल परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित किया. सीएम ने कहा कि मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) को मंजूरी प्रदान कर दी है. उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद ने पीएमआरसीएल नामक एसपीवी के गठन और उसके लिए 2000 करोड़ रुपए की प्राधिकृत पूंजी की मंजूरी दे दी है.Also Read - CM Nitish Kumar ने हेमंत सोरेन से कहा-अलग हुए तो क्या, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं, जानिए वजह

संजय कुमार ने बताया कि इस एसपीवी के अध्यक्ष नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव होंगे तथा इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में वित्त, पथ, परिवहन और ऊर्जा विभागों के प्रतिनिधि सदस्य होंगे. इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा एम.डी. का मनोनयन किया जाएगा. Also Read - Bihar: JDU नेता डॉ. राजीव कुमार सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह पर जिम ट्रेनर की हत्‍या की कोशिश का केस दर्ज

राईट्स (आरआईटीईएस) ने नगर विकास एवं आवास विभाग को गत 20 सितंबर को पटना मेट्रो रेल से संबंधित डीपीआर सौंप दिया, जिसे मंजूरी के लिए मंत्रिपरिषद के समक्ष पेश किया जाना है जिसके बाद उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. Also Read - बिहार सीएम नीतीश ने की टीकाकरण महाअभियान की शुरूआत, खुद लिखकर दी पीएम को जन्मदिन की बधाई

संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने पटना शहर के गर्दनीबाग मुहल्ला में पांच एकड़ के भूखंड में 84.49 करोड़ रूपये की लागत पर बापू टावर के निर्माण कार्य से जुडी योजना को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है.

प्रधान सचिव ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने बिहार राज्य चीनी निगम लि. की 15 इकाइयों बनमंखी, गोरौल, वारिसलीगंज, समस्तीपुर, न्यू सावन, हथुआ, गुरारू, लोहट, सीवान, लौरिया, सुगौली, बिहटा, मोतीपुर, रैयाम और सकरी के कर्मियों का बकाये वेतनादि मद में भुगतान करने के लिए बिहार आकस्मिक निधि से 127.53 करोड़ रुपए अग्रिम की स्वीकृति दी है.

चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों को आपराधिक, प्राकृतिक आपदा या हिंसात्मक घटना या दुर्घटना से हुई मृत्यु की स्थिति में देय 5 लाख रुपए अनुग्रह अनुदान की स्वीकृति जिला पदाधिकारी के स्तर से करने की स्वीकृति प्रदान की है.