अररिया: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, इलाहाबद और बिहार के अररिया लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी है. इसी बीच बिहार बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय के खिलाफ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई है. राय पर चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. बिहार में उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान राय ने बीजेपी की जीत को राष्ट्रवादियों की जीत और आरजेडी की जीत को ISI की जीत बताया था. राय के इस बयान पर काफी विवाद भी हुआ था और अब उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है.

बिहार बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, ”अररिया लोकसभा उपचुनाव में अगर आरजेडी उम्मीदवार सरफराज आलम जीतता है तो अररिया आईएसआई का हब बन जाएगा लेकिन अगर बीजेपी उम्मीदवार प्रदीप सिंह चुनाव जीतते हैं तो अररिया राष्ट्रवादियों का गढ़ बन जाएगा”. अररिया में लगभग 41 फीसदी मुस्लिम आबादी है.

राय के इस बयान पर बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने तीखा हमला बोला है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राय के इस बयान की निंदा की है. यादव ने कहा, ”अररिया बिहार के 38 जिलों में से एक है जिसपर नीतीश कुमार और बीजेपी मिलकर शासन कर रहे हैं तो इसका मतलब ये है कि पूरा बिहार ही आईएसआई का हब है, अगर ऐसा है तो ये बीजेपी और मोदी के लिए बहुत शर्म की बात है कि बिहार आईएसआई का हब बन गया क्योंकि राज्य और केंद्र दोनों जगह बीजेपी की सरकार है”.

विभिन्न दलों के प्रत्याशी और चुनाव रणनीति
पिछले महीने तक सरफराज आलम बीजेपी की सहयोगी जेडीयू से विधायक थे लेकिन उपचुनाव में टिकट के लिए आलम ने जेडीयू का दामन छोड़ आरजेडी का दामन थाम लिया. सरफराज आलम के पिता मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के निधन से अररिया लोकसभा सीट खाली हुई थी जिसपर आज चुनाव हो रहा है. अररिया उपचुनाव में एनडीए की ओर से प्रदीप सिंह को मैदान में उतारा गया है, जिन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में तस्लीमुद्दीन ने हराया था. उनके सामने राजद के सरफराज आलम हैं, जो दिवंगत सांसद के बेटे हैं.

हालांकि सरफराज आलम को अपने पिता तस्लीमुद्दीन के जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं है, फिर भी उन्हें यहां के मुस्लिम और यादव वोटों का आस है, जिनकी संख्या अररिया के कुल मतदाताओं में लगभग आधी है. इसके अलावा राजद की निगाहें एससी और ईबीसी वोट पर भी लगी हुई है. सरफराज की राह में बाधा सांसद पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के उम्मीदवार विक्टर यादव भी होंगे, जो यादव वोट बैंक में हिस्सेदारी कर सकते हैं. अररिया लोकसभा क्षेत्र में 41 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, जबकि यादव वोटों की संख्या 10 प्रतिशत है.