बेगूसराय: बिहार में बेगूसराय की एक अदालत में गीतकार जावेद अख्तर के खिलाफ दिल्ली दंगे के मद्देनजर आम आदमी पार्टी से निष्कासित पार्षद ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी पर टिप्पणी करने को लेकर एक परिवाद पत्र दायर किया गया है. Also Read - Coronavirus Case in Bihar: इस जिले में हैं कोरोना संक्रमण के अधिक मामले, संक्रमितों की तादाद 43 हुई

बता दें कि जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा था, ‘दिल्ली में कई लोग मारे गए, घर फूंके गए, दुकान लूट ली गई पर पुलिस सिर्फ एक घर को सील कर मालिक को खोज रही है. संयोग से उसका नाम ताहिर है ‘दिल्ली पुलिस को सलाम.’ Also Read - बिहार से राहत की बड़ी खबर: 28 जिले कोरोना से दूर, पटना में संदिग्ध मरीजों की संख्या में कमी!

बता दें कि जावेद अख्‍तर के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उनको खूब ट्रोल किया गया था. इस विवादास्‍पद बयान के बाद जावेद अख्‍तर का पक्ष सामने नहीं आया था. Also Read - Bihar Updates: दो दिन की राहत के बाद बिहार में मिले 6 नए कोरोना पॉजिटिव, एक ही परिवार के चार सदस्य कोविड 19 से संक्रमित

बेगूसराय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ठाकुर अमन कुमार की अदालत में बुधवार को अख्तर के खिलाफ यह परिवाद पत्र अधिवक्ता अमित कुमार द्वारा आईपीसी की धारा 153 ए 153 बी के तहत दायर किया गया.

दिल्ली में हुए दंगे को लेकर 28 फरवरी को मीडिया में जावेद अख्तर की इस टिप्पणी को लेकर आई खबर को आधार बनाकर अमित द्वारा यह परिवाद पत्र दायर किया गया है.

जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा था, ‘दिल्ली में कई लोग मारे गए, घर फूंके गए, दुकान लूट ली गई पर पुलिस सिर्फ एक घर को सील कर मालिक को खोज रही है. संयोग से उसका नाम ताहिर है ‘दिल्ली पुलिस को सलाम.’ परिवाद पत्र की स्वीकार्यता पर अगली सुनवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में 25 मार्च को होगी.

बता दें कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं. हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 254 प्राथमिकी दर्ज की है और 903 लोगों को गिरफ्तार किया है या हिरासत में लिया है. शस्‍त्र अधिनियम के तहत 41 मामले दर्ज किए गए हैं.