नई दिल्ली. कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्योता देने के राज्यपाल वजूभाई वाला का ‘फॉर्मूला’ भाजपा के लिए गले की हड्डी साबित होने वाला है. क्योंकि देश के कई अन्य राज्यों में भी कर्नाटक की देखा-देखी सबसे बड़ी पार्टियां सरकार बनाने का दावा करने लगी हैं. गोवा और मणिपुर में कांग्रेस तो बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने के इसी ‘फॉर्मूले’ को आजमाने का रास्ता अख्तियार कर लिया है. गोवा कांग्रेस के नेता आज दोपहर राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिले और उन्हें कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी होने का ज्ञापन सौंपा. वहीं, मणिपुर में कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व सीएम ओकराम इबोबी सिंह भी राज्यपाल जगदीश मुखी से मिले. सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि गवर्नर ने कहा है कि वह कांग्रेस पार्टी के साथ न्याय करेंगे. इसी तरह बिहार में राजद नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी राज्यपाल के समक्ष बहुमत साबित करने का दावा किया है. तेजस्वी ने कहा कि राजद के साथ कई और पार्टियों का समर्थन है. हम बिहार में सरकार बनाने का दावा करते हैं.

गोवा में राज्यपाल से मिल कांग्रेस नेता
गोवा में नाटकीय घटनाक्रम में वर्ष 2017 में कांग्रेस सरकार बनाने से चूक गई थी. अब जबकि कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मुद्दा गरमाया है, कांग्रेस ने एक बार फिर राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. गोवा कांग्रेस के 13 विधायक दोपहर में राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने पहुंचे थे. इससे पहले सुबह में गोवा कांग्रेस के प्रवक्ता यतीश नायक ने कहा है कि जिस तरह कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्योता दिया गया, उसी तरह गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, हमें भी सरकार गठन का मौका मिलना चाहिए. यतीश नायक ने कहा कि गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, हमें सरकार बनाने मौका मिलना ही चाहिए. नायक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हमने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने का समय मांगा था, आज दोपहर में उनसे मुलाकात होगी. हम उनसे कहने वाले हैं कि कर्नाटक के राज्यपाल की तरह ही वे गोवा में भी सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाएं.’ कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, हम विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के समय बहुमत साबित कर देंगे.’

मणिपुर में कांग्रेस के पूर्व सीएम ने ठोका दावा
मणिपुर में भी वर्ष 2017 में सबसे बड़ी पार्टी होते हुए भी कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका नहीं मिल पाया था. भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राज्य में सरकार का गठन कर लिया था. लेकिन कर्नाटक की घटना के बाद आज एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है. प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के नेता ओकराम इबोबी सिंह ने आज मीडिया को बताया, ‘कल शाम 4 बजे तक का इंतजार है. कर्नाटक में सियासी नतीजा क्या रहता है, इस पर सबकी नजर है. कांग्रेस ने मणिपुर के राज्यपाल से इस संबंध में मुलाकात की है. राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा है कि वह इस मुद्दे को देख रहे हैं.’ पूर्व सीएम ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि राज्यपाल हमारे साथ न्याय करेंगे.

बिहार में तेजस्वी यादव मिले गवर्नर से, सौंपी समर्थन की चिट्ठी
इधर, बिहार में भी कर्नाटक की सियासी ड्रामेबाजी का असर दिखने लगा है. विपक्षी राजद के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और राजद समर्थित दलों के नेताओं ने आज राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की और उन्हें राजद के सबसे बड़ी पार्टी होने की जानकारी दी. साथ ही राजद ने राज्यपाल से मांग की कि राजद को सरकार गठन का मौका दिया जाए. राज्यपाल से मिलने आए राजद, कांग्रेस और भाकपा (माले) के विधायकों ने गवर्नर सत्यपाल मलिक को राजद को समर्थन देने वाले विधायकों की सूची भी सौंपी और सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करते हुए सरकार गठन के लिए बुलाने की मांग रखी. इससे पहले राज्यपाल से मिलने जाने से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘हम राज्यपाल के समक्ष बहुमत साबित करने जा रहे हैं. हम राज्यपाल से मांग करेंगे कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते वे हमें प्रदेश में सरकार गठन के लिए बुलाएं.’ तेजस्वी यादव ने राजद के साथ अन्य दलों के समर्थन देने का हवाला देते हुए कहा, ‘राजद को बिहार की कई पार्टियों का समर्थन है. अब देखना है कि आगे क्या होता है.’