नई दिल्ली. कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने आज कहा कि नीतीश कुमार का जदयू और रामविलास पासवान की लोजपा जैसी पार्टियां अगर भाजपा के साथ बनी रहती हैं तो इनकी प्रासंगिकता खत्म हो जाएगी, क्योंकि पिछड़े वर्गों में नाराजगी है. गोहिल ने कहा कि बिहार में महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारे के लिए मुख्य मानदंड ‘जीतने की क्षमता’ रहेगी और प्रदेश में विपक्ष की एकता अन्य राज्यों में भी सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में राजग के घटक दलों जनता दल (युनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) का जनाधार मुख्य रूप से पिछड़े वर्ग के बीच है. इसलिए लोकसभा चुनाव से पहले वे राजग से नाता तोड़ सकते हैं. Also Read - कोरोना के बीच CBSE कराएगा एग्जाम, प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से कहा- ये चौंकाने वाला फैसला, परीक्षाएं रद्द हों

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भाजपा में रहकर कैसे करेंगे पिछड़ों का समर्थन

गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि बिहार में साफ संदेश गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के खिलाफ है. चाहे नीतीश कुमार हों, पासवान हों या कुशवाहा जो भी भाजपा के साथ गठबंधन में हैं, वे इन वर्गों का समर्थन चाहते हैं तो भाजपा गठबंधन में कैसे रह सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि यह पार्टियां राजग के साथ बनी रहेंगी. यदि ये पार्टियां भाजपा के साथ बनी रहती हैं तो इनकी राजनीतिक प्रासंगिकता समाप्त हो जायेगी.’ गोहिल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासनकाल में मजबूत एससी/एसटी अत्याचार रोकथाम अधिनियम लाया गया था जिसे राजग सरकार ने कमजोर करने का ‘पाप’ किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एससी एवं एसटी के खिलाफ दो निर्णय देने वाले न्यायाधीश को सेवानिवृत्ति के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का अध्यक्ष बना दिया गया. वह एके गोयल की तरफ इशारा कर रहे थे.

गठबंधन के सवाल को टाल गए गोहिल

बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने एक तरफ जहां जदयू, लोजपा और रालोसपा के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में रहने पर नुकसान की बात कर रहे हैं, वहीं इन दलों के यूपीए में शामिल होने के सवाल को उन्होंने टाल दिया. गोहिल ने नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में शामिल होने के सवाल को काल्पनिक बात कहकर छोड़ दिया. उन्होंने कहा, ‘वह काल्पनिक सवाल का जवाब नहीं देना चाहेंगे. वह केवल परिस्थितियों के बारे में प्रतिक्रिया देंगे.’

(इनपुट – एजेंसी)

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