पटना: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस जैसी गंभीर बिमारी का सामना कर रहा है. इस महामारी के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार से लेकर सभी राज्य सरकार ठोस कदम उठा रही है. इस मुश्किल वक्त में देश के कई हस्तियों ने मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं. इसी मदद को आगे बढ़ाते हुए अब बिहार में मुख्यमंत्री सहित राज्य के सभी मंत्रियों और विधायकों के वेतन की राशि में अगले एक साल तक 15 प्रतिशत कटौती की गई है. Also Read - सऊदी अरब ने फिर से खोलीं 90 हजार मस्जिदें, मक्का अब भी बंद

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री, राज्य के मंत्रियों एवं विधानमंडल के सदस्यों के वेतन का 15 प्रतिशत अगले एक वर्ष तक कटौती करने एवं उस राशि को ‘कोरोना उन्मूलन कोष’ में देने का प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई. Also Read - उत्तराखंड कैबिनेट को क्‍वारंटाइन में भेजने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य सचिव

उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार में मुख्यमंत्री, मंत्री का वेतन 40 हजार रुपये प्रतिमाह ही है, इसके कारण 15 प्रतिशत राशि कटौती करने का ही निर्णय लिया गया. मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक के बाद प्रधान सचिव दीपक कुमार ने बताया कि इस बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इस बैठक में सभी मंत्री और संबंधित अधिकांश अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए. Also Read - Coronavirus Lockdown: स्कूलों को फिर से खोलने की योजना पर अभिभावकों की बढ़ी चिंता, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर लागू लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही सभी को शामिल होने के लिए कहा गया था. विभाग के कक्ष से सभी शामिल हुए.

प्रधान सचिव ने बताया, “बैठक में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए विद्यालयों को बंद किए जाने के कारण छात्रहित में वर्ग एक से 11 तक (वर्ग 10 को छोड़कर) के सभी छात्र-छात्राओं को बिना वार्षिक परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नति पर भी मुहर लगी.