नई दिल्ली| उच्चतम न्यायालय ने बिहार की शराब निर्माता कंपनियों को अपने शराब के मौजूदा स्टाक का 31 जुलाई तक राज्य के बाहर निस्तारण करने की आज अनुमति प्रदान कर दी.

न्यायमूर्ति ए के सिकरी की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने कंफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहल बेवेरेज कंपनीज की दलीलें सुनने के बाद उन्हें ये अनुमति प्रदान की.

नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में एक अप्रैल, 2016 से शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है.

शराब निर्माता कंपनियों के संगठन का पीठ के समक्ष कहना था कि राज्य में शराब की बिक्री पर लगाये गये प्रतिबंध से बहुत अधिक वित्तीय नुकसान उठाना पड रहा है. उसका यह भी कहना था कि इन कंपनियों का मौजूदा स्टाक करीब दो सौ करोड रूपए का है और इन कंपनियों को दूसरे राज्यों में इसके निस्तारण की अनुमति दी जानी चाहिए जहां इस पर प्रतिबंध नहीं है.

न्यायालय ने कंफेडरेशन की दलीलों से सहमति व्यक्त करते हुये उसे 31 जुलाई तक अपने मौजूदा स्टाक का निस्तारण करने की अनुमति दे दी.