पटना: बिहार में बाहर से आकर क्वारंटाइन सेंटर्स में रहे लोगों के बीच नीतीश कुमार की सरकार ने 17 लाख से अधिक कंडोम बाँट दिए. जनसंख्या नियंत्रित रहे, इसलिए ऐसा किया है. बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में बढ़ती जनसंख्या से चिंतित राज्य सरकार ने क्वारंटीन सेंटरों में रहने वालों को न केवल स्वास्थ्य, योग आदि का प्रशिक्षण दिया और उनकी स्किल मैपिंग की, बल्कि उनके घर वापस जाने के समय उन्हें परिवार नियोजन से संबंधित जानकारियां व गर्भ निरोधक सामग्रियां भी दी गईं. Also Read - बिहार में कोरोना से बड़ी मुसीबत बनी आकाशीय बिजली, आज 26 लोगों की मौत, एक सप्ताह में गईं 125 जानें

सुशील मोदी ने बताया कि अप्रैल में जहां 2. 14 लाख कंटोम बांटे गए, वहीं मई में क्वोरंटीन सेंटर में बाहर से आने वालों की संख्या बढ़ी तो 15. 39 लाख अतिरिक्त कंटोम बांटे गए, यानी कुल 17. 53 लाख कंडोम बांटे गए. मोदी ने कहा, “प्रत्येक दशक में बिहार की जनसंख्या में 25 फीसदी की वृद्धि हो रही है. वैसे लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा, बाल विवाह निषेध व अन्य निरोधात्मक उपायों को अपना कर पिछले एक दशक में प्रजनन दर को 4.3 से घटा कर 3. 2 पर लाने में सफलता मिली है.” Also Read - बिहार विधान परिषद चुनाव: सभी नौ उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित

उन्होंने आगे कहा, “जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए फ्रंटलाइन आशा कार्यकर्ताओं और एनएनएम द्वारा कोरोना संक्रमण के घर-घर सर्वें के दौरान और 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर घर जाने वालों को परिवार नियोजन के बारे में सजग किया गया तथा जिन्हें जरूरत थी, उन्हें दो-दो पैकेट कंडोम उपलब्ध कराए गए.” भाजपा नेता ने कहा कि योग्य दंपतियों को उनकी इच्छानुसार इस दौरान करीब 11 लाख दैनिक व आपातकालीन गर्भ निरोधक गोलियों का भी वितरण किया गया. मोदी ने अपील की कि प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र पर भी गर्भ निरोधक सामग्रियां उपलब्ध हैं, जिन्हें जरूरत हो वहां से ले सकते हैं. Also Read - बिहार में आतंकी हमले की आशंका पर हाई अलर्ट, नेपाल बॉर्डर से घुस सकते हैं तालिबान- जैश के आतंकी