बिहार चुनाव नतीजों ने सारे एक्जिट पोल्स को धता बताते हुए राज्य में एनडीए की सरकार के लिए रास्ता साफ कर दिया. राज्य की कुल 243 विधानसभा सीटों में बहुमत के लिए जरूरी 122 सीटों के आंकड़ों को पार करते हुए 125 सीटें जीतने में कामयाब रही. लेकिन राज्य में इस बार भी सबसे बड़ी पार्टी राजद ही बनकर उभरी है. Also Read - शराबबंदी वाले बिहार में शराब के अवैध कारोबार को रोकने में नाकाम रहने वाले 4 थानेदार निलंबित

बिहार में एनडीए की सरकार बनने के पीछे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका काफी अहम रही. फडणवीस ने बड़ी कुशलता के साथ चुनाव का संचालन किया और जहां पर भी जरूरी लगा पीएम मोदी की रैली करवाई. पीएम की अपील के बाद बिहार की फिजा बदल गई और राज्य में एक बार फिर से नीतीश कुमार के लिए रास्ता साफ हो गया. Also Read - तेजस्वी ने नीतीश पर की व्यक्तिगत टिप्पणी, सीएम बोले- राजनीति में आगे बढ़ना है तो ठीक से व्यवहार करना सीख लो

तकरीबन 18 घंटे की मतगणना के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ हुई. बिहार में महागठबंधन की राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं, स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाने जा रहा है. Also Read - Bihar Politics: तेजस्वी यादव पर भड़के नीतीश कुमार, बोले- मेरे दोस्त का बेटा है, इसलिए सुन लेता हूं

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बिहार चुनाव के लिए चुनाव प्रभारी ने मंगलवार को एक बार फिर से भाजपा-जदयू सरकार चुनने के लिए बिहार के लोगों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बहुमत के साथ राज्य चुनाव जीतने के लिए बधाई दी और जीत का श्रेय पीएम मोदी के नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया.

मंगलवार रात पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भाजपा की बिहार इकाई ने राज्य विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया. रात 11.46 बजे चुनाव आयोग के अनुसार, महागठबंधन के खिलाफ एनडीए ने 124 निर्वाचन क्षेत्रों में बहुमत के निशान को पार कर लिया है, जो 111 सीटों पर आगे रहा है. एनडीए की अनुमानित टैली में भाजपा (73), जद (यू) (43), एचएएम (4) और वीआईपी (4) शामिल हैं. भाजपा बिहार अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि जीत में सबसे बड़ा योगदान पीएम की कल्याणकारी योजनाओं और राज्य सरकार के सुशासन का था.

महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई (एम-एल), सीपीआई और सीपीएम शामिल थे, जिन्हें बीजेपी, जेडी (यू), वीआईपी और एचएएम (एस) से मिलकर सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में प्रमुख चुनौती दी गई थी. मैदान में मौजूद कुछ अन्य गठबंधनों में ‘प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन’ शामिल है, जिन्होंने जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव को सीएम चेहरे और पूर्व उपेंद्र कुशवाहा को सीएम उम्मीदवार के रूप में ‘यूनाइटेड डेमोक्रेटिक सेकुलर अलायंस’ के रूप में चुना है.

इस बीच, भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने पुष्टि की कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. उनके अनुसार, यह पीएम मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने का एक अवसर है। इस अवसर पर, उन्होंने COVID-19 संकट के बीच हुए एक चुनाव में अपने नेतृत्व के लिए भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा को भी धन्यवाद दिया.

गौरतलब है कि भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में चुनाव लड़ा था. भाजपा वहां पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. लेकिन शिवसैनिकों की महत्वाकांक्षा की वजह से देवेंद्र फणनवीस शपथ लेने के बाद सरकार बनाने में नाकामयाब रहे थे. इस समय महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सरकार है.