नई दिल्ली. देश में बेरोजगारी की समस्या कितनी विकराल होती जा रही है, इसकी बानगी बिहार के स्कूलों में गेस्ट टीचर के पद पर होने वाली भर्ती के लिए आए आवेदनों को देखकर समझी जा सकती है. बिहार सरकार ने स्कूलों में बड़ी संख्या में खाली पड़े शिक्षकों के पद को भरने के लिए गेस्ट टीचर भर्ती करने की योजना बनाई है. इसके तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) पास अभ्यर्थियों समेत ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, बी.टेक या एम.टेक योग्यताधारियों से आवेदन मंगाए गए. हैरान करने वाली बात यह है कि 4 हजार से ज्यादा पदों के लिए मंगाए गए इन आवेदनों में इंजीनियर और PhD डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने भी गेस्ट टीचर बनने के लिए आवेदन भेजा है. सरकार के शिक्षा विभाग को प्रदेश के कुल 38 में से 37 जिलों से अब तक 4.71 लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं. उपचुनाव के कारण देर होने से अररिया जिले से प्राप्त आवेदनों का आंकड़ा नहीं मिल पाया है. इन आवेदनों में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएच.डी करने वाले और बी.ई. या बी.टेक कर इंजीनियर बने युवाओं के फॉर्म भी शामिल हैं.

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पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थियों के 8 हजार आवेदन
अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, गेस्ट टीचर के पद पर भर्ती के इच्छुक अभ्यर्थियों में पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थियों के आवेदन भी बड़ी संख्या में आए हैं. शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि गेस्ट टीचर के पद पर इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अभ्यर्थियों की बहाली होने की संभावना कम ही है. क्योंकि इस पद के लिए प्राथमिकता उन अभ्यर्थियों को दी जानी है जिन्होंने STET पास किया है. STET पास अभ्यर्थियों के न रहने पर पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवारों- जिन्होंने टीचर्स ट्रेनिंग का कोर्स किया हो या नहीं- उन्हें वरीयता दी जाएगी. अधिकारी के अनुसार, इन सबके बाद ही बी.टेक या एम.टेक डिग्रीधारियों को अवसर मिलेगा. विभाग के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘गेस्ट टीचर बनने के लिए पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थियों के आवेदन भी बड़ी संख्या में आए हैं. कुल आवेदनों में से 8000 ऐसे अभ्यर्थियों के हैं, जो पोस्टग्रेजुएट डिग्री होल्डर हैं.’ अधिकारी ने बताया कि गेस्ट टीचर के रूप में 4257 पदों पर भर्तियां की जानी है.

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25 हजार रुपए मासिक वेतन पर होगी भर्ती
बिहार के स्कूलों में भर्ती होने वाले गेस्ट टीचर का मासिक वेतन 25 हजार रुपए तय किया गया है. आपको बता दें कि इन शिक्षकों को सरकार नियुक्ति पत्र नहीं देगी, बल्कि इन्हें ऑफर लेटर (आमंत्रण पत्र) दिया जाएगा. साथ ही इन्हें स्कूल में योगदान देने से पहले बिहार सरकार के 25 जनवरी 2017 को निकाले गए संकल्प के अधीन काम करने की सहमति भी देनी होगी. हिन्दुस्तान टाइम्स को शिक्षा विभाग का माध्यमिक प्रभाग देखने वाले अधिकारी अमित कुमार ने बताया, ‘गेस्ट टीचर के पदों पर स्कूल स्तर से भर्ती की जाएगी. इसके लिए जिलास्तर पर पैनल बनाया जाएगा, जो इन शिक्षकों की भर्ती करेगा.’ उन्होंने बताया कि आरक्षण रोस्टर तैयार करने के बाद डीईओ आवेदकों की सूची स्कूल के प्रधानाध्यापक को सौंप देंगे. स्कूल के हेडमास्टर, संबंधित विषयों में खाली पदों के अनुसार गेस्ट टीचर रख सकेंगे. गौरतलब है कि सरकार के निर्देशानुसार विभिन्न स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले अतिथि शिक्षकों को प्रतिदिन 1 हजार रुपए से लेकर अधिकतम 25 हजार रुपए तक का निर्धारित वेतन ही मिलेगा.

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इस तरह की भर्ती से सहमत नहीं शिक्षक संघ
बिहार सरकार द्वारा राज्यभर के स्कूलों में विभिन्न विषयों के खाली पदों पर गेस्ट टीचर की भर्ती का विरोध भी किया जा रहा है. बिहार सेकेंडरी टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार द्वारा की जा रही अस्थाई नियुक्तियों से सहमत नहीं है. संघ का कहना है कि स्कूली शिक्षा की स्थिति को देखते हुए यह उचित नहीं है. संघ का कहना है कि जब राज्य में STET पास कई उम्मीदवार नौकरी के इंतजार में बैठे हैं, ऐसे में उनको दरकिनार करके सरकार द्वारा एडहॉक (अस्थाई) टीचर भर्ती किया जाना सकारात्मक कदम नहीं कहा जा सकता. पूर्व सांसद और वर्तमान में बिहार सेकेंडरी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश के स्कूलों में जितने पद खाली हैं, उससे कम भर्तियां की जा रही हैं. हिन्दुस्तान टाइम्स को उन्होंने बताया, ‘राज्य के प्लस 2 स्कूलों में विभिन्न विषयों के जितने पद खाली हैं, सरकार उसका असली आंकड़ा नहीं बता रही है. सरकार जितने पदों पर भर्ती करने जा रही है, उससे कहीं ज्यादा पद स्कूलों में वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं. ऐसे में खाली पदों को भरने का यह तरीका समस्या का सही निदान नहीं है.’

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