पटना: बिहार सरकार ने कोरोना संकट के बढ़ते संकट के बीच सोमवार को एक राहत पैकेज की घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि सभी कार्डधारकों को एक माह का मुफ्त राशन दिया जाएगा. वृद्धावस्था पेंशनधारियों को तीन माह की अग्रिम पेंशन दी जाएगी. लॉक डाउन इलाकों के परिवारों को एक-एक हजार की सहायता राशि दी जाएगी. वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य में लॉकडाउन करने का निर्णय किया है. इस बंदी के दायरे से आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को बाहर रखा गया है. Also Read - हनुमान जयंती पर केजरीवाल ने दी बधाई, बोले- कोरोना के इलाज में जल्द मिलेगी 'संजीवनी'

लॉक डाउन इलाकों के परिवारों को सहायता राशि सीधे उनके के खाते में भेजी जाएगी. वहीं, एक से 12 तक के छात्र छत्राओं को 31 मार्च तक वजीफे कि राशि दी जाएगी. कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों एक माह का मुलवेतन प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नि‍तीश कुमार ने अपील की है कि सरकार के निर्देशों का पालन करें लोग. मिलकर कोरोना महामारी पर पाएंगे विजय. मुख्यमंत्री ने बिहार के लोगों से अपील है कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही इस मुहिम में अपना पूरा सहयोग दें. Also Read - पीएम मोदी को पसंद आई बॉलीवुड शार्ट फिल्म 'फैमिली', लोगों से कहा जरूर देखें, बहुत बड़ा मैसेज छिपा है

बता दें बिहार सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए और भीड़ कम करने के उद्देश्य से राज्य के शहरी इलाकों में 31 मार्च तक ‘लॉकडाउन’ कर दिया है. इस दौरान निजी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों एवं सार्वजनिक परिवहन को पूर्णत: बंद किया गया है, लेकिन आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद से छूट है. Also Read - तापसी पन्नू को आई स्कूल के दिनों की याद, शेयर की Throwback फोटो

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में रविवार को कहा कि कोरोना वायरस से पूरी मानव जाति संकट में है. हम सब इस महामारी का डट कर मुकाबला कर रहे हैं. आवश्यक सावधनियां भी बरती जा रही हैं, लेकिन बीमारी की गंभीरता को देखते हुये प्रत्येक व्यक्ति का सचेत रहना नितांत आवश्यक है. इसका सबसे अच्छा उपाय सोशल डिस्टेंसिंग है.

सीएम ने कहा कि निजी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों एवं सार्वजनिक परिवहन को पूर्णतः बंद किया गया है, लेकिन आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद से छूट है.

आवश्यक सेवाओं में चिकित्सा सेवा, खाद्यान्न एवं किराने के प्रतिष्ठान, दवा की दुकान, डेयरी एवं डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्टेशन, बैंकिंग एवं एटीएम, पोस्ट आफिस तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि सेवाएं शामिल हैं.