नई दिल्ली. फेसबुक डाटा लीक के जिस मामले को लेकर आज सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार किया है, उस कंपनी का दावा है कि उसने 2010 के बिहार विधानसभा चुनावों में अपनी भूमिका निभाई थी. कंपनी की वेबसाइट पर भी इस संबंध में जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक कंपनी ने जिन 90 प्रतिशत सीटों पर डाटा-विश्लेषण का काम किया, उन पर ‘लैंडस्लाइड विक्ट्री’ मिली. उस समय बिहार में जदयू और भाजपा की सरकार थी और मुख्यमंत्री थे नीतीश कुमार. Also Read - Bihar Budget 2021: स्नातक पास बेटियों को 50 हजार, महिलाओं को नौकरियों में 50% आरक्षण, 10 Points में जानिए बिहार बजट

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नाम इस कंपनी से इसके बाद भी जुड़ा रहा है, क्योंकि कंपनी की भारतीय सहयोगी ‘ओवलेन बिजनेस इंटेलीजेंस’ जदयू के बड़े नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी की है. नीतीश कुमार ने वर्ष 2015 के विधानसभा चुनावों में भी इस कंपनी की मदद ली थी. अमरीश त्यागी ने नवंबर 2017 में इकोनॉमिक टाइम्स को दिए गए एक साक्षात्कार में नीतीश कुमार के लिए 2015 के चुनाव में काम करने की बात कही है. अमरीश त्यागी का मानना है कि मोबाइल फोन के सहारे चुनाव जीता जा सकता है. Also Read - तमिलनाडु में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह- हम भारत की अगली विकास कहानी लिखने जा रहे हैं, 11% से भी ज्यादा होगी GDP ग्रोथ

कैंब्रिज एनालिटिका की वेबसाइट पर बिहार विधानसभा चुनाव के बारे में दी गई जानकारी.

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बिहार विधानसभा चुनाव में कैसे की मदद

अमरीश त्यागी ने इकोनॉमिक टाइम्स को दिए अपने साक्षात्कार ने कहा था, ‘चुनाव में सोशल मीडिया का रोल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि आप एक व्यक्ति को ब्रांड के रूप में स्थापित कर रहे होते हैं. वह व्यक्ति अपने आप में महत्वपूर्ण हो जाता है.’ अमरीश ने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव का एक अनुभव बताते हुए कहा, ‘मैं इलेक्शन वार रूम में बैठा था. अचानक नीतीश कुमार 2014 की एक तस्वीर हमारे नेटवर्क तक पहुंची, जिसमें वे एक तांत्रिक से गले मिल रहे थे. हमें जल्द से जल्द इस फोटो की काट ढूंढ़नी थी. हमने कुछ ही मिनटों के भीतर 2014 की ही स्मृति इरानी की एक तस्वीर ढूंढ़ निकाली, जिसमें वह राजस्थान के एक तांत्रिक से अपना हाथ दिखवा रही थीं. उस तांत्रिक ने स्मृति इरानी से कहा था कि वह जल्द ही भारत की राष्ट्रपति बनने वाली हैं.’ अमरीश ने कहा कि सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर आपको बहुत जल्दी काउंटर करना पड़ता है.

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राजनाथ सिंह का चुनावी अभियान भी संभालने का अनुभव

दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले अमरीश त्यागी वैसे तो जनता दल यूनाइटेड के नेता केसी त्यागी के बेटे हैं, लेकिन अपने पेशे में वे राजनीतिक विचारधाराओं से अलग हैं. यही वजह है कि वे न सिर्फ अपने पिता की पार्टी के लिए काम करते हैं, बल्कि विपक्षियों के लिए भी उनकी कंपनी काम करती है. इकोनॉमिक टाइम्स को दिए गए अपने साक्षात्कार में अमरीश त्यागी ने यह कहा भी है. उन्होंने बताया था, ‘राजनीति मेरे खून में है. लेकिन चुनावी अभियानों से जुड़ना महज संयोग है. दरअसल वर्ष 2009 में राजनाथ सिंह भाजपा के अध्यक्ष थे और गाजियाबाद से चुनाव लड़ रहे थे. ऐसे में मैं उनके चुनाव वार रूम और सोशल मीडिया कैंपेन से जुड़ा. राजनाथ सिंह चुनाव जीते और मेरा चुनाव वार रूम से रिश्ता जुड़ गया.