नई दिल्ली: लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने विवादित बयान दिया है. एक कार्यक्रम के दौरान मीसा भारती ने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला कि वर्तमान केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले हैं, मन किया कि उनके हाथ काट लूं. बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में राम कृपाल यादव आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्होंने पाटलिपुत्र से मीसा भारती को ही हराकर लोकसभा का चुनाव जीता था.

मीसा भारती ने 16 जनवरी को पटना में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, वह चारा काटते थे. उनके लिए हमारे मन में बहुत सम्मान था. हालांकि यह सम्मान तब खत्म हो गया जब उन्होंने सुशील मोदी से हाथ मिला लिया. उस समय मेरा मन किया कि उसी चारा काटने वाली मशीन में उनके हाथ डालकर काट दूं. मीसा ने कहा कि अब वह जीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

बता दें कि मीसा भारती को जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा इशारों ही इशारों में ‘सूर्पणखा’ कहे जाने पर उनके दोनों भाई और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव भड़क गए थे. तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, भगवान नीतीश कुमार को सद्बुद्धि दे. बेचारे प्रवक्ता तो नियोजित मजबूर कर्मचारी हैं. शब्द और बोल तो नीतीश जी लिखकर देते है. मुख्यमंत्री आवास स्थित ‘नीतीश इंस्टीट्यूट ऑफ एब्यूज, मिसयूज, एक्सक्यूज स्टडीज’ में इन्हें बैठाकर सिखाते हैं कि कब, किसे, कितनी मात्रा में और किस लहजे में गाली देनी है.

रविवार को जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक ट्वीट कर तेजप्रताप और तेजस्वी के आपस में मिलने पर तंज कसते हुए लिखा, भरत मिलाप में भरत पूरे परिवार के साथ जंगल में राम को वापस लाने गए थे. परन्तु, आज की स्थिति उलट है. आज न केवल छोटा भाई सत्ता पर काबिज है, बल्कि बड़े भाई को वन-वन घूमने को बाध्य किया गया.

‘सूर्पणखा’ को एक क्षेत्र के मालिक बनाने पर भी कोई राजी नही. इस ट्वीट के बाद राजद और जद (यू) के नेता आमने-सामने आ गए हैं. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और राजद नेता तेजप्रताप ने रविवार को जद (यू) को गुंडों की पार्टी कहते हुए कहा था कि जद (यू) प्रवक्ताओं की औकात ही क्या है. उन्होंने कहा कि वे ऐसे लोगों पर मानहानि का मुकदमा करवाएंगे.