पटना: बिहार की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं और कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बाढ़ का पानी नए इलाकों में प्रवेश कर रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है. निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं. राज्य में बाढ़ से अब तक आठ जिलों की चार लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है. बिहार जल संसाधन विभाग द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को बागमती नदी अपने रौद्र रूप में है. बागमती सीतामढ़ी के ढेंग, सोनाखान, डूबाधार, चंदौली तथा कटौंझा और मुजफ्फरपुर के बेनीबाद और दरभंगा के हायाघाट में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि बूढ़ी गंडक मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर, समस्तीपुर के रोसरा रेल पुल के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.Also Read - जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में कम हुई बारिश की रफ्तार, महाराष्ट्र को भी मिली राहत; जानिए दिल्ली का मौसम अपडेट

इधर, ललबकैया पूर्वी चंपारण में, जबकि कमला बलान जयनगर व झंझारपुर में तथा महानंदा पूर्णिया के ढेंगराघाट में खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं हैं.कोसी का जलस्तर वीरपुर बैराज के पास बुधवार को सुबह छह बजे 2.38 लाख क्यूसेक था, जो आठ बजे 2.12 लाख क्यूसेक हो गया. गंडक नदी का जलस्राव बाल्मीकिनगर बैराज के पास सुबह आठ बजे 3.24 लाख क्यूसेक बना हुआ है. Also Read - Himachal Pradesh Rain Update: भारी बारिश और बाढ़ से 14 लोगों की मौत, पूरे राज्य में रेड अलर्ट जारी

गंडक में जलस्तर में वृद्घि होने के बाद कई नए क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. गोपालगंज के चार प्रखंड बाढ़ की पानी से घिरे हुए हैं.आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. उन्होंने बताया कि नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के आठ जिले सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज एवं पूर्वी चम्पारण के कुल 34 प्रखंडों की 217 पंचायतों के 4.13 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. बाढ़ में फंसे लोगों के राहत और बचाव का कार्य जारी है. Also Read - Delhi Orange Alert: दिल्ली में भारी बारिश के कारण जलभराव की चेतावनी, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

उन्होंने बताया कि सुपौल में दो और गोपालगंज में तीन राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां कुल 1,075 लोग रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित अलग-अलग इलाकों में कुल 46 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 36,293 लोग भोजन कर रहे हैं. साथ ही, आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है. इधर, गंडक नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में अधिक बारिश के कारण पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण को अलर्ट कराया गया है.