पटना. पड़ोसी देश नेपाल और बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश की वजह से राज्य में बाढ़ की स्थिति खतरनाक बनी हुई है. मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में बागमती, कमला बलान, घाघरा जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बाढ़ से राज्य के नौ जिलों में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल की सीमा से लगे क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश राज्य की पांच नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इधर, पटना के मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों में कई जगहों पर बारिश का अनुमान जाहिर किया है. Also Read - शपथ लेते ही काम में जुटे नीतीश कुमार, कल सुबह 11 बजे कैबिनेट की पहली बैठक आयोजित

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कुछ जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल चार मौतों में अररिया में दो लोग जबकि शिवहर और किशनगंज में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. राज्य के नौ जिलों-शिवहर, सीतामढी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के 55 प्रखंडों में बाढ़ से कुल 17,96,535 आबादी प्रभावित हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ज्यादा सीतामढ़ी जिला प्रभावित हुआ है. यहां करीब 11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद अररिया में पांच लाख लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं. प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 13 दल तैनात किए गए हैं. प्रशासन ने 45,053 लोगों को शरण देने के लिए 152 राहत शिविर खोले हैं जबकि 251 सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है. Also Read - बिहार चुनाव: अंगुलि में लगी नीली स्याही, चेहरे पर मुस्कान, आम और खास सबने डाला वोट

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की. बाद में उन्होंने दरभंगा, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया. बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए समुचित व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए. लगातार बारिश से राज्य में पांच नदियां बागमती, कमला बलान, लालबकया, अधवारा और महानंदा कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

(इनपुट – एजेंसी)