रांची: चारा घोटाला मामले में पिता लालू प्रसाद यादव को 23 दिसंबर, 2017 को दोषी ठहराये जाने के फैसले के खिलाफ कथित बयानबाजी के मामले में बड़ी राहत देते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने विशेष सीबीआई अदालत द्वारा तेजस्वी यादव, राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवाड़ी एवं शिवानंद तिवारी को जारी अवमानना की नोटिसों को शुक्रवार को रद्द कर दिया. Also Read - बिहार में पोस्टर वार: 'एक ऐसा परिवार जो बिहार पर भार' लालू 'सजायाफ्ता कैदी नंबर 3351'

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झारखंड उच्च न्यायालय की अपरेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को राहत दी. अदालत ने अवमानना के चारों आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद उनके खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा जारी नोटिसों को रद्द करने का आदेश दिया. गौरतलब है कि रांची की विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश ने इस वर्ष तीन जनवरी को अवमानना नोटिस जारी कर चारों आरोपियों को 23 जनवरी को अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था. चारों ने नोटिस को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. अदालत ने आज उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए आज यह मामला खत्म कर दिया.