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रांची: बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के चक्कर में बिहार के सीनियर आईएएस चीफ सेक्रेटरी अंजनी कुमार सिंह और पूर्व डीजीपी डीपी ओझा तक पहुंच गई है. सीबीआई कोर्ट के विशेष जज ने बिहार के मुख्य सचिव समेत 7 के खिलाफ धारा 319 के तहत नोटिस जारी कर 28 मार्च को विशेष अदालत में मौजूद रहने को कहा है. इन पर चारा घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. जज शिवपाल सिंह की विशेष कोर्ट ने चारा घोटाले के कांड आरसी 38ए/96 में इन आरोपियों को नोटिस जारी किया गया है. खास बात ये है कि चारा घोटाले में पहली बार सीबीआई के एक अफसर को भी आरोपी बनाया गया है. बता दें कि चारा घोटाले में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद अभी रांची की होटवार जेल में बंद हैं. इनमें से डीजीपी डीपी ओझा कोो कोर्ट में लगातार गैरमौजूदगी के कारण नोटिस जारी किया गया है.
CBI court in Ranchi serves notice to 7 people including Chief Secretary of Bihar Anjani Kumar Singh, directing them to be present in the Court on 28th March in connection with illegal withdrawal from Dumka treasury under Food scam.
— ANI (@ANI) March 6, 2018
आरोप: चारा घोटाले के आरोपियों से मिलीभगत, घोटालेबाजों के खिलाफ कार्रवाई में देरी, कोर्ट में गैरमौजूदगी
इनके खिलाफ नोटिस जारी
1. अंजनी सिंह चीफ सेक्रेटरी, दुमका में तत्कालीन उपायुक्त
2. डीपी ओझा, पूर्व डीजीपी, तत्कालीन एडीजी विजिलेंस
3. विजय शंकर दुबे, तत्कालीनवित्त सचिव
4. एके झा, एडिशनल एसपी, सीबीआई, तत्कालीन सीबीआई इंस्पेक्टर
5. दीपेश चांडक, आपूर्तिकर्ता व सीबीआई का गवाह
6. शिव कुमार पटवारी , आपूर्तिकर्ता व सीबीआई का गवाह
7. फूल झा
8 सीनियर आईएएस को दरकिनार कर अंजनी सिंह बनाए गए थे चीफ सेक्रेटरी
तत्कालीन सीएम जीतनराम मांझी ने जून 2014 में 8 सीनियर आईएएस को किनारे कर 1981 बैच के अंजनी कुमार सिंह को बिहार का मुख्य सचिव बनाया गया था. ( इनपुट : एजेंसी)
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