पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने गुरुवार को धमकी दी कि देश और राज्‍य में दलितों पर अत्‍याचार कम नहीं हुए तो वे बौद्ध धर्म अपना लेंगे. पटना में भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के मौके पर उन्‍होंने बाबा साहेब को नमन किया और पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि देश में दलितों पर दमन और उत्पीड़न बढ़ा है जो चिंता का विषय है. Also Read - यूपीए का हिस्‍सा बने उपेंद्र कुशवाहा, 'दिलों के बंधन' से महागठबंधन को मिलेगी मजबूती!

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मांझी ने कहा, “हमलोगों को ब्राह्मणवाद के कारण पीछे रखा गया और एक खास रणनीति के तहत हमें अलग-थलग किया गया.” उन्होंने कहा कि इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. बाबा साहेब की पुण्‍यतिथि पर मांझी की पार्टी ने महा परिनिर्वाण दिवस का आयोजन किया था. मांझी इसी कार्यक्रम में बोल रहे थे.

अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले मांझी ने कहा कि धर्म परिवर्तन को लेकर वे अपने समर्थकों से बातचीत करेंगे और इस पर फैसला लेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें बौद्ध धर्म अपनाने में कोई हर्ज नहीं दिखता. मांझी ने एक बार फिर निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग दोहराते हुए इसके लिए जल्द ही पार्टी द्वारा आंदोलन करने की बात कही.

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मांझी की पार्टी कुछ ही महीनों पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक (राजग) से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत महागठबंधन में शामिल हुई है. वे 20 मई, 2014 को बिहार के पहले दलित मुख्‍यमंत्री बने थे, लेकिन विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाने के कारण उन्‍हें 10 महीने बाद ही पद से इस्‍तीफा देना पड़ा.

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मांझी अक्‍सर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहते हैं. इसी साल नवंबर के अंतिम सप्‍ताह में उन्‍होंने राज्‍य की शराबबंदी नीति की आलोचना करते हुए कहा था कि देर रात जांच हो तो मंत्री-अफसर नशे में ही मिलेंगे.