नई दिल्ली. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के कुछ नेताओं की एक शर्मसार कर देने वाली करतूत सामने आई है. इन नेताओं में राज्य सरकार में मंत्री रहे एक नेता और वर्तमान में विधायक भी शामिल हैं. खबर है कि बीते दिनों गया में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई पीड़िता के साथ इन नेताओं ने जबर्दस्ती मिलने की कोशिश की और उसे तस्वीर खिंचवाने के लिए बाध्य किया. पुलिस ने आरोपी राजद नेताओं के खिलाफ इस शर्मनाक हरकत को लेकर मामला दर्ज कर लिया है. इन नेताओं पर पीड़िता को पुलिस जीप से जबरन उतारने और उसकी तस्वीर लेने के लिए बाध्य करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है. टीवी फुटेज में दिखाया गया है कि उनमें से कुछ अपने मोबाइल फोन पर लड़की के साथ तस्वीरें ले रहे हैं और वीडियो तैयार कर रहे हैं. इधर, बिहार के पूर्व मंत्री मेहता ने अपने और दल के खिलाफ आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि इसके पीछे की मंशा मामले से लोगों का ध्यान भटकाना है. बता दें कि बिहार के गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक शख्स को बंधक बनाकर उसकी 55 वर्षीय पत्नी और 15 वर्षीय बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था.

पूर्व मंत्री आलोक मेहता समेत 6 नामजद
पुलिस के अनुसार, राजद नेताओं ने पीड़िता को उस समय पुलिस जीप से जबरन उतार लिया, जब पुलिस उसकी चिकित्सीय जांच कराकर लौट रही थी. मगध क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि ऐसा उस वक्त हुआ जब राजद के तथ्यान्वेषी दल का पुलिस से सामना हुआ. वे चिकित्सीय जांच के लिए लड़की को अस्पताल ले जा रहे थे. उन्होंने पीड़िता को वाहन से उतरने और उसके साथ जो भी हुआ उसे बताने के लिये मजबूर किया. इसके अलावा उन्होंने उसकी पहचान सार्वजनिक की. इससे पहले गया के एसएसपी राजीव मिश्रा ने शनिवार को बताया, ‘मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग लड़की को जबरन पुलिस जीप से उतारने, उसके साथ वीडियो बनाकर वायरल करने और उससे जबरन बोलने के लिए बाध्य करने के मामले में कुछ लोगों पर मगध मेडिकल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.’ उन्होंने कहा कि राजद के राष्ट्रीय महासचिव आलोक मेहता, गया के बेलागंज से विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव, पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष आभालता, राजद के जिला अध्यक्ष मुर्शिद आलम उर्फ निजाम, राजद की महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सरस्वती देवी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि मामला भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

गया के कोच थाने में हुई थी हैवानियत की वारदात
पुलिस के मुताबिक, बीते दिनों आंती थाना क्षेत्र का रहने वाला एक शख्स अपनी मोटरसाइकिल से पत्नी और बेटी के साथ घर जा रहा था. इसी दौरान सोनडीहा गांव के पास आठ से दस लोगों ने उसकी मोटरसाइकिल रुकवा ली. इसके बाद बदमाशों ने शख्स को पेड़ से बांध दिया और उसकी पत्नी और बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के निर्देश के बाद प्रधान महासचिव आलोक मेहता के नेतृत्व में राजद के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पीड़िता से मुलाकात की थी और उन्हें उचित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था. हालांकि पटना रेंज के आईजी नय्यर हसनैन खान ने घटना के बाद सिर्फ पत्नी के साथ गैंगरेप की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि लुटेरों ने बेटी के साथ मार-पीट की थी.  इस घटना के बाद थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था और 20 युवकों को हिरासत में लिया गया है. पीड़िता ने इनमें से 2 की पहचान कर ली थी.

(इनपुट – एजेंसी)