पटना: भगवान भास्कर की आराधना का चार दिवसीय महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ रविवार से शुरू हो गया. आस्था के पर्व छठ के प्रथम दिन रविवार प्रात: व्रती अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पटना के गंगा घाट सहित प्रदेश के अन्य नदियों के घाटों और तालाबों के किनारे पहुंचे तथा स्नान एवं पूजा अर्चना के साथ नहाय-खाय की रस्म पूरी की.

नहाय-खाय के दौरान व्रती अरवा चावल का भात, चने की दाल, कद्दू की सब्जी तथा धनिया के पत्ते की चटनी का भोग लगाते हैं.

सूर्य उपासना के इस पावन पर्व पर नहाय-खाय के अगले दिन यानि सोमवार को व्रतियों द्वारा निर्जला उपवास रखकर खरना किया जाएगा. खरना में दूध, अरवा चावल व गुड से बनी खीर एवं रोटी का भोग लगाया जाता है.

खरना के बाद व्रतियों का 36 घंटों का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा जो कि आगामी 13 नवंबर की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य और 14 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण के साथ पूरा होगा .

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबडी देवी स्वास्थ्य कारणों से इसबार छठ पर्व पर व्रत नहीं रखेंगी.