Lockdown in Bihar: बिहार सरकार ने कोविड-19 के बढते प्रकोप के मद्देनजर 16 से 31 जुलाई तक पूरे प्रदेश में फिर से लॉकडाउन का निर्णय लिया है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘बिहार सरकार ने 16 से 31 जुलाई तक लॉकडाउन का निर्णय लिया है. सभी नगर निकाय, जिला मुख्यालय, अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालय 15 दिनों के लिए बंद रहेंगे. उन्होंने कहा, ‘कोराना की न कोई दवा है न टीका है. हम सभी को चेहरे पर मास्क, तौलिया या रूमाल लगाना सुनिश्चित करना होगा.’ Also Read - सुशांत सिंह राजपूत केस: मुंबई से पटना लौटी बिहार पुलिस, कहा- अच्‍छे से सबूत जुटाए

क्या खुला रहेगा

  • डिफेंस, पुलिस, पेट्रोल पंप, पोस्ट आफिस सहित कुछ कार्यालयों को इस लॉकडाउन से छूट दी गई है.
  • इन विभागों को इससे छूट दी गई है. जैसे- बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य वितरण, कृषि एवं पशुपालन विभाग.
  • प्रदेश भर में सभी अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों और कार्यों को पूरी तरह लॉकडाउन से छूट दी गई है.
  • इनको रहेगी छूट- फल, सब्जी, अनाज, दूध, मछली आदि के दुकान खुल सकेंगे.
    सभी बैंक और एटीएम खुले रहेंगे.
  • होटल, रेस्त्रां या ढाबे खुले रहेंगे लेकिन वहां खाने की व्यवस्था लॉकडाउन के दौरान नहीं कर सकते. उन्हें सिर्फ पैकिंग की सर्विसेज देनी होगी.
  • रेल, हवाई सफर को मंजूरी दी गई है.
  • आटो टैक्सी पूरे राज्य में संचालित रहेंगे.
  • इसके अलावा जरूरी सेवाओं के लिए ही प्राइवेट गाड़ियों का संचालन हो सकता है.

क्या रहेगा बंद-

  • सभी कॉमर्शियल और प्राइवेट संस्थान बंद रहेंगे.
  • बिहार सरकार के अधीन सभी सरकारी कार्यालय भी लॉकडाउन के दौरान बंद रहेंगे.
  • आवश्यक केंद्र सरकार के अधीन सभी दफ्तर लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगे.

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इससे पहले सुशील ने कहा, ‘बिहार सरकार ने सभी पंचायतों को मास्क व साबुन वितरण के लिये 160 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की है. पिछले दिनों अत्यधिक बारिश में आकाशीय बिजली से दुखद मौत हुईं, मृतकों के आश्रितों को सरकार 4-4 लाख रूपये की सहायता प्रदान की. प्राकृतिक आपदा पर हमारा वश नहीं है लेकिन सरकार पीड़ितों के साथ है.’

उन्होंने कहा, ‘बिहार सरकार ने बाढ़ पूर्व सभी तैयारियां कर ली हैं. दवा, अनाज, नाव समेत सभी जरूरी वस्तुओं का संग्रह और राहत और बचाव संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं.’ सुशील ने कहा, ‘पिछले वर्ष चमकी बुखार से हुई मौत को चुनौती मानकर मुकम्मल तैयारियां की जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष नगण्य मौत हुई है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार हर विपदा में गरीबों के साथ मुस्तैदी से खड़ी है, खजाने पर पहला हक गरीबों का है. कोरोना काल में लगातार आठ महीने मुफ्त खाद्यान्न की घोषणा, मुफ्त तीन सिलेंडर, जनधन खाताधारी को 1500 व राशनकार्ड वाले को 1-1 हजार रूपये नकद. एक करोड़ बच्चों को 3 हजार करोड़ छात्रवृति व अग्रिम पेंशन दी गई.’