नई दिल्ली: गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर गांवों-घरों को ले जाये गए हैं. किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई तो किसी ने पति. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जो भी ये मंज़र देख रहा है, उसकी आँखें नम हो रही हैं. लोग शहादत को सलाम कर रहे हैं. Also Read - चीन से तनाव के बीच आर्मी की युद्ध क्षमता बढ़ाई जाएगी, 38 हज़ार करोड़ की लागत से हथियार खरीदेगी सरकार

शहीद हुए 20 जवानों में बिहार के भी कई जवान हैं, जिन्होंने शहादत दी है. बिहार के सुनील कुमार, चन्दन कुमार, कुंदन कुमार यादव, अमन कुमार, जय किशोर सिंह सिंह भी शहीद हुए हैं. इनके पार्थिव शरीर जब बिहार पहुंचे तो सीम नितीश कुमार ने इन्हें श्रधांजलि अर्पित की. Also Read - चीन से तनाव के बीच राजनाथ सिंह लद्दाख जाएंगे, सीमा पर सैनिकों से करेंगे बातचीत

इस बीच शहीद हुए सुनील कुमार की पत्नी बेबी ने इस गम और गुस्से के बीच चीन से बदला लेने की बात कही है. सुनील कुमार की पत्नी ने कहा कि मैं अपने बच्चों को भी सेना में भेजूंगी. अभी बच्चे छोटे हैं. बच्चों को पढ़ाना है. और उन्हें सेना में भेजना है, ताकि पति की शहादत का बदला लिया जा सके. सुनील की पत्नी ने ये बताया कि अपने पति से उनकी आखिरी बार 9 जून को बात हुई थी. पति से ये उनकी आखिरी बातचीत थी.